रोहतक जिला परिषद के उपाध्यक्ष सहित 5 पार्षद अनुपस्थित घोषित:चेयरपर्सन बोली- मीटिंग में हंगामा किया, अब अगली बैठक में नहीं आ पाएंगे
रोहतक की जिला परिषद चेयरपर्सन ने 5 पार्षदों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें डिबार कर दिया है। इन पार्षदों पर जिला परिषद की मीटिंग में हंगामा और बदतमीजी करने का आरोप है। इसके बाद चेयरपर्सन ने कार्रवाई की और पिछली मीटिंग में पांचों पार्षदों को अनुपस्थित घोषित कर दिया और आगामी एक मीटिंग से डिबार कर दिया। अब वे आगमी एक मीटिंग में भाग नहीं ले पाएंगे। जिला परिषद चेयरपर्सन मंजू हुड्डा ने शुक्रवार को कहा कि जिला परिषद की बैठक में कई बार हंगामा हुआ। हंगामा करने वाले पार्षदों को भी समझाया और मीटिंग का माहौल अच्छा बनाकर रखने की अपील की, लेकिन उन्होंने एक नहीं मानी। मीटिंग में हंगामा होता रहा, इसलिए 5 पार्षदों को उस मीटिंग से भी बाहर रखा है (अनुपस्थित करार दिया है) और आगामी मीटिंग से डिबार किया है। 5 पार्षदों ने उनके (चेयरपर्सन) साथ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी व अन्य महिला पार्षदों के साथ बदतमीजी की। बार-बार कहने के बावजूद वे बाहर नहीं गए, इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। उपाध्यक्ष सहित 5 पार्षद डिबार उन्होंने कहा कि डिबार करने वालों में जिला परिषद के उपाध्यक्ष अनिल हुड्डा, वार्ड 8 के पार्षद धीरज, वार्ड 1 के पार्षद अमित रांगी, वार्ड 14 के पार्षद सोनू और वार्ड 11 की पार्षद दीपिका शामिल हैं। आगे भी कोई इसी तरह मीटिंग में हंगामा करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मनमानी करते हुए किया डिबार वार्ड नंबर 1 के पार्षद अमित रांगी ने कहा कि उनको मनमानी करते हुए डिबार किया गया है। वे सभी मीटिंग करके आगे का फैसला करेंगे। वहीं चेयरपर्सन पर आरोप लगाया कि वह खुद के ही काम कर रही है। उनके वार्डों में आज तक कोई काम नहीं करवाए। उन्हें बने हुए 2 साल हो गए, जो भी उनके काम हैं, उनमें से एक भी काम नहीं करवाया गया। इसलिए उन्होंने मुद्दा उठाया था। चेयरपर्सन चुनाव को लेकर अकेले अपने ही काम करने में जुटी है। यह मामल कोर्ट में भी गया हुआ है। 26 अगस्त की मीटिंग में हुआ था हंगामा रोहतक के विकास भवन में 26 अगस्त को जिला परिषद की मीटिंग हुई थी। जिसमें जमकर हंगामा हुआ। मीटिंग में 2 महिला पार्षद आपस में भिड़ गई। उनमें से एक ने अपशब्द कहे तो दूसरी रोते हुए मीटिंग छोड़कर चली गई। मीटिंग का माहौल तनावपूर्ण देखते हुए पुलिस बुलानी पड़ गई थी। इसके बाद BJP समर्थित जिला परिषद चेयरपर्सन और कांग्रेस के सपोर्ट वाले वाइस चेयरमैन के बीच भी जमकर झड़प हुई। हंगामे के बीच मीटिंग खत्म हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए थे।
रोहतक की जिला परिषद चेयरपर्सन ने 5 पार्षदों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें डिबार कर दिया है। इन पार्षदों पर जिला परिषद की मीटिंग में हंगामा और बदतमीजी करने का आरोप है। इसके बाद चेयरपर्सन ने कार्रवाई की और पिछली मीटिंग में पांचों पार्षदों को अनुपस्थित घोषित कर दिया और आगामी एक मीटिंग से डिबार कर दिया। अब वे आगमी एक मीटिंग में भाग नहीं ले पाएंगे। जिला परिषद चेयरपर्सन मंजू हुड्डा ने शुक्रवार को कहा कि जिला परिषद की बैठक में कई बार हंगामा हुआ। हंगामा करने वाले पार्षदों को भी समझाया और मीटिंग का माहौल अच्छा बनाकर रखने की अपील की, लेकिन उन्होंने एक नहीं मानी। मीटिंग में हंगामा होता रहा, इसलिए 5 पार्षदों को उस मीटिंग से भी बाहर रखा है (अनुपस्थित करार दिया है) और आगामी मीटिंग से डिबार किया है। 5 पार्षदों ने उनके (चेयरपर्सन) साथ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी व अन्य महिला पार्षदों के साथ बदतमीजी की। बार-बार कहने के बावजूद वे बाहर नहीं गए, इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। उपाध्यक्ष सहित 5 पार्षद डिबार उन्होंने कहा कि डिबार करने वालों में जिला परिषद के उपाध्यक्ष अनिल हुड्डा, वार्ड 8 के पार्षद धीरज, वार्ड 1 के पार्षद अमित रांगी, वार्ड 14 के पार्षद सोनू और वार्ड 11 की पार्षद दीपिका शामिल हैं। आगे भी कोई इसी तरह मीटिंग में हंगामा करता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मनमानी करते हुए किया डिबार वार्ड नंबर 1 के पार्षद अमित रांगी ने कहा कि उनको मनमानी करते हुए डिबार किया गया है। वे सभी मीटिंग करके आगे का फैसला करेंगे। वहीं चेयरपर्सन पर आरोप लगाया कि वह खुद के ही काम कर रही है। उनके वार्डों में आज तक कोई काम नहीं करवाए। उन्हें बने हुए 2 साल हो गए, जो भी उनके काम हैं, उनमें से एक भी काम नहीं करवाया गया। इसलिए उन्होंने मुद्दा उठाया था। चेयरपर्सन चुनाव को लेकर अकेले अपने ही काम करने में जुटी है। यह मामल कोर्ट में भी गया हुआ है। 26 अगस्त की मीटिंग में हुआ था हंगामा रोहतक के विकास भवन में 26 अगस्त को जिला परिषद की मीटिंग हुई थी। जिसमें जमकर हंगामा हुआ। मीटिंग में 2 महिला पार्षद आपस में भिड़ गई। उनमें से एक ने अपशब्द कहे तो दूसरी रोते हुए मीटिंग छोड़कर चली गई। मीटिंग का माहौल तनावपूर्ण देखते हुए पुलिस बुलानी पड़ गई थी। इसके बाद BJP समर्थित जिला परिषद चेयरपर्सन और कांग्रेस के सपोर्ट वाले वाइस चेयरमैन के बीच भी जमकर झड़प हुई। हंगामे के बीच मीटिंग खत्म हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए थे।