क्षेत्र में हरियाणा को पीछे धकेला: हुड्डा का बीजेपी पर हमला, किसानों को मुआवजे की मांग”

- रिपोर्ट्स के हवाले से सरकार पर विफलता के आरोप; बेमौसमी बारिश से फसल नुकसान पर स्पेशल गिरदावरी की मांग, राज्यसभा चुनाव पर भी उठाए सवाल

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क्षेत्र में हरियाणा को पीछे धकेला: हुड्डा का बीजेपी पर हमला, किसानों को मुआवजे की मांग”

क्षेत्र में हरियाणा को पीछे धकेला: हुड्डा का बीजेपी पर हमला, किसानों को मुआवजे की मांग”

- रिपोर्ट्स के हवाले से सरकार पर विफलता के आरोप; बेमौसमी बारिश से फसल नुकसान पर स्पेशल गिरदावरी की मांग, राज्यसभा चुनाव पर भी उठाए सवाल

ओपी वशिष्ठ, रोहतक :

नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य हर क्षेत्र में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय रिपोर्ट्स और आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि हरियाणा की स्थिति सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक मोर्चों पर लगातार कमजोर हुई है।

हुड्डा ने कहा कि सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स में हरियाणा 33 अंक के साथ सबसे असुरक्षित राज्यों में शामिल हो गया है। इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के अनुसार राज्य की पुलिस रैंकिंग पिछले पांच वर्षों में 8वें स्थान से गिरकर 14वें स्थान पर पहुंच गई है। वहीं NCRB के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में भ्रष्टाचार के मामलों में 187 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

शिक्षा क्षेत्र पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में राज्य की कोई भी यूनिवर्सिटी टॉप-100 में शामिल नहीं हो सकी। इसके अलावा हैप्पीनेस इंडेक्स में हरियाणा 16वें स्थान पर है, जबकि नीति आयोग की SDG रिपोर्ट में राज्य 14वें नंबर पर है।

आर्थिक मोर्चे पर हमला करते हुए हुड्डा ने कहा कि राज्य में उद्योगों का पलायन हो रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2018-19 से अब तक 1446 फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं या राज्य छोड़ चुकी हैं। वहीं CMIE के 2024 के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में युवा बेरोजगारी दर करीब 37 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो देश में सबसे अधिक बताई जा रही है।

कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों पर बढ़ते कर्ज ने भी चिंता बढ़ा दी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा देश में किसान कर्ज के मामले में चौथे स्थान पर है, जहां प्रति परिवार औसतन 1.82 लाख रुपये का कर्ज है।

इस दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बेमौसमी बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की कि तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए और प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाए। साथ ही फसल खरीद प्रक्रिया को सरल बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नए नियमों के जरिए किसानों को परेशान कर रही है। उदाहरण देते हुए कहा कि केवल वही किसान मंडी में फसल ला सकता है, जिसके नाम पर जमीन दर्ज है, जबकि ग्रामीण परिवारों में यह जिम्मेदारी अक्सर किसी अन्य सदस्य द्वारा निभाई जाती है।

हुड्डा ने आलू और धान खरीद में घोटालों का भी आरोप लगाया और कहा कि बड़े स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं, लेकिन कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों पर की जा रही है।

रसोई गैस की कमी को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि यदि कोई किल्लत नहीं है, तो जगह-जगह लंबी कतारें क्यों दिखाई दे रही हैं।

राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के 4 वोट गलत तरीके से रद्द किए गए। साथ ही उन्होंने कहा कि क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के खिलाफ पार्टी हाईकमान द्वारा कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

इस मौके पर विधायक रघुबीर सिंह कादियान, भारत भूषण बतरा सहित कई अन्य नेता भी उपस्थित रहे।

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