सांपला में 60 प्रतिशत जनता ने दिया बीजेपी के खिलाफ वोट : भूपेंद्र हुड्डा
- दिशा कमेटी की बैठक में बीजेपी नेताओं ने खुद खोली सरकार के भ्रष्टाचार की पोल
सांपला में 60 प्रतिशत जनता ने दिया बीजेपी के खिलाफ वोट : भूपेंद्र हुड्डा
- दिशा कमेटी की बैठक में बीजेपी नेताओं ने खुद खोली सरकार के भ्रष्टाचार की पोल
- कांग्रेस सरकार की सड़कें आज भी मजबूत, बीजेपी शासन में बनी सड़कें जल्दी टूट रहीं
- हरियाणा के युवाओं को नौकरियों से वंचित कर बाहरी उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने का आरोप
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रोहतक में आयोजित पत्रकार वार्ता में सांपला नगरपालिका चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी की जीत के सवाल पर कहा कि 60 प्रतिशत जनता ने बीजेपी के खिलाफ वोट किया है। कांग्रेस पार्टी पालिका और जिला परिषद के चुनाव सिंबल पर नहीं लड़ती है, इसलिए सांपला में कांग्रेस प्रत्याशी नहीं उतारा। उन्होंने बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार नए घोटाले सामने आ रहे हैं और भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच चुका है।
हुड्डा ने कहा कि दिशा कमेटी की बैठक में खुद बीजेपी के सांसदों और विधायकों ने स्वीकार किया कि कांग्रेस शासनकाल में बनी सड़कें आज भी मजबूत हैं, जबकि बीजेपी सरकार में बनी सड़कें कुछ ही दिनों में खराब हो जाती हैं। उन्होंने इसे बीजेपी सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी और आर्थिक असुरक्षा के कारण युवाओं में गहरी निराशा है। उन्होंने NCRB की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा में प्रतिदिन आत्महत्या के मामले सामने आ रहे हैं और युवा मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जानबूझकर हरियाणा के युवाओं को सरकारी नौकरियों से दूर कर रही है और बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि यूजीसी गाइडलाइंस का उल्लंघन कर ऐसे नियम बनाए गए, जिनसे हरियाणा के युवाओं को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी भर्ती में सामान्य वर्ग के 60 चयनित उम्मीदवारों में से 41 अन्य राज्यों से थे। वहीं, अंग्रेजी विषय की भर्ती में 613 पदों के मुकाबले केवल 151 अभ्यर्थियों का चयन किया गया और बाकी पद खाली छोड़ दिए गए। डीएससी वर्ग की 60 आरक्षित सीटों में से केवल एक उम्मीदवार का चयन होने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
हुड्डा ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर साइकोलॉजी भर्ती में 85 पदों के लिए 400 अभ्यर्थियों में से केवल 3 को पास किया गया। इसके अलावा हरियाणा पावर यूटिलिटीज, सिंचाई विभाग, टेक्निकल एजुकेशन विभाग, SDO इलेक्ट्रिकल, लेक्चरर ग्रुप-B, पॉलिटिकल साइंस और कृषि विभाग की भर्तियों में भी हरियाणा के युवाओं के साथ अन्याय हुआ।
उन्होंने पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर अंग्रेजी भर्ती रद्द करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह हरियाणा के युवाओं के संघर्ष की जीत है। हुड्डा ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट किया है कि सरकार की गाइडलाइन यूजीसी नियमों के खिलाफ थी।
सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भर्ती हुए कर्मचारियों को अब तक नियमित नहीं किया गया है। उन्हें ठेका प्रणाली में रखा गया है और कई-कई महीनों तक वेतन नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहर गंदगी से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही।
राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने हरियाणा को 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में डुबो दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने कार्यकाल में कोई बड़ी विकास परियोजना शुरू नहीं की।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के संकेतों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे पहले से महंगाई झेल रही जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
इस मौके पर विधायक भारत भूषण बत्रा, विधायक शकुंतला खटक, विधायक बलराम दांगी, पूर्व सांसद शादी लाल बत्रा, पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा, पूर्व विधायक संत कुमार और जिला प्रधान कुलदीप केडी समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
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