अमेरिका के स्मिथसोनियन संस्थान में एमडीयू की डॉ. अंजलि दूहन ने प्रस्तुत किया शोध पत्र

- मुगलकालीन सचित्र पांडुलिपियों में पाठ और चित्रों के संबंध पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा शोध

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अमेरिका के स्मिथसोनियन संस्थान में एमडीयू की डॉ. अंजलि दूहन ने प्रस्तुत किया शोध पत्र

अमेरिका के स्मिथसोनियन संस्थान में एमडीयू की डॉ. अंजलि दूहन ने प्रस्तुत किया शोध पत्र

- मुगलकालीन सचित्र पांडुलिपियों में पाठ और चित्रों के संबंध पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा शोध

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर अंजली दुहन ने अमेरिका के वॉशिंगटन डी.सी. स्थित स्मिथसोनियन संस्थान के नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट में आयोजित अमेरिकन काउंसिल आफ साऊदन एशियन आर्टस सिम्पोजियम -22 में अपने शोध पत्र की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

डॉ. अंजलि दूहन ने अपने शोध में सत्रहवीं शताब्दी के आरंभिक दौर में मुगल सम्राट अकबर और शहजादा सलीम के लिए तैयार की गई सचित्र पांडुलिपियों का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया। उन्होंने संस्कृत ग्रंथों के अनुवाद पर आधारित दुर्लभ मुगलकालीन पांडुलिपियों में पाठ और चित्रों के अंतर्संबंध को विस्तार से समझाया।

अपने शोध में उन्होंने बताया कि उस काल में दृश्य कला और साहित्य ने ज्ञान, संस्कृति और परंपरा को नई अभिव्यक्ति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुगलकालीन सचित्र पांडुलिपियां केवल कलात्मक सौंदर्य का प्रतीक नहीं थीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक समन्वय और भाषाई संवाद का प्रभावशाली माध्यम भी थीं।

डॉ. दूहन की शोध प्रस्तुति को अंतरराष्ट्रीय कला विशेषज्ञों और विद्वानों ने सराहा। एमडीयू के कुलपति मिलाप पूनिया ने इस उपलब्धि पर डॉ. अंजलि दूहन को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने शोध कार्यों से नई पहचान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी शैक्षणिक उपलब्धियां विश्वविद्यालय की वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत करती हैं और युवा शोधार्थियों को उत्कृष्ट शोध के लिए प्रेरित करती हैं।

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