एमडीयू को नई दिशा देंगे प्रो. मिलाप पुनिया, कुलपति का पदभार संभालते ही गुणवत्ता और शोध पर जोर

एमडीयू में नए कुलपति प्रो. मिलाप पुनिया ने ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के तहत शिक्षा, नवाचार और वैश्विक पहचान को बताया प्राथमिकता

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एमडीयू को नई दिशा देंगे प्रो. मिलाप पुनिया, कुलपति का पदभार संभालते ही गुणवत्ता और शोध पर जोर

एमडीयू को नई दिशा देंगे प्रो. मिलाप पुनिया, कुलपति का पदभार संभालते ही गुणवत्ता और शोध पर जोर

- एमडीयू में नए कुलपति प्रो. मिलाप पुनिया ने ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के तहत शिक्षा, नवाचार और वैश्विक पहचान को बताया प्राथमिकता

ओपी वशिष्ठ, रोहतक

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक को शैक्षणिक उत्कृष्टता और वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य के साथ प्रो. मिलाप पुनिया ने कुलपति पद का कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रो. पुनिया इससे पहले जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू), नई दिल्ली के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ रीजनल डेवलपमेंट के प्रोफेसर और चेयरपर्सन रह चुके हैं। वे क्षेत्रीय विकास, रिमोट सेंसिंग और भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) के विशेषज्ञ माने जाते हैं और 1998 से शिक्षण एवं शोध के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी का क्षण है। उन्होंने महान समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती को नमन करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एमडीयू को शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाएगा।

उन्होंने विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान को बढ़ावा देने, समावेशी वातावरण तैयार करने और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया। साथ ही शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता भी बताई।

प्रो. पुनिया ने विश्वविद्यालय के सभी हितधारकों—शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों—से सहयोग और सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पारदर्शिता, डिजिटल नवाचार और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिल सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एमडीयू को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक मजबूत पहचान दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर अधिकारियों, शिक्षकों, गैर-शिक्षक कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने सभी वर्गों से संवाद करते हुए विश्वविद्यालय के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस.सी. मलिक, डीन सीडीसी प्रो. विनीता हुड्डा, प्रो. रणदीप राणा, प्रो. ए.एस. मान, प्रो. नसीब सिंह गिल, प्रो. युद्धवीर सिंह, प्रो. राजेश पुनिया सहित कई वरिष्ठ शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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