राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन में दिखी अनुशासन व एकता की झलक

- शिक्षा भारती विद्यालय में 16 दिवसीय प्रथम वर्ग का पथ संचलन शिविर

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन में दिखी अनुशासन व एकता की झलक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन में दिखी अनुशासन व एकता की झलक

- शिक्षा भारती विद्यालय में 16 दिवसीय प्रथम वर्ग का पथ संचलन शिविर

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा मकड़ोली स्थित शिक्षा भारती विद्यालय में आयोजित किए गए प्रथम वर्ग में स्वयंसेवकों द्वारा पथ संचलन का आयोजन किया गया। पथ संचलन मकडोली शिक्षा भारती विद्यालय से शुरु होकर शहर के भिन्न-भिन्न स्थानों से होते हुए वीटा मिल्क प्लांट पर संपन्न हुआ। पथ संचलन में 216 स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। इस पथ संचलन में स्वयंसेवकों की एकता व अनुशासन की झलक देखने को मिली। समाज के लोगों द्वारा शहर में जगह-जगह पर पुष्प वर्षा कर पथ संचलन का स्वागत किया गया।

वर्ग कार्यवाह महेंद्र सिंह व सर्वाधिकार डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा 17 जून तक मकड़ोली स्थित शिक्षा भारती विद्यालय में प्रथम वर्ग का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का समापन 17 जून को होगा। उन्होंने बताया कि प्रथम वर्ग में 216 स्वयंसेवक प्रशिक्षण प्राप्प्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ग में स्वयंसेवकों को भिन्न-भिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देकर शारीरिक व बौद्धिक स्तर पर मजबूत किया जाएगा। इस तरह के वर्ग में भाग लेने से स्वयंसेवक का मानसिक व शारीरिक विकास तो होता ही है, साथ-साथ उन्में अनुशासन, एकता व सामाजिक समरसता की भावना भी पैदा होती है। सभी स्वयंसेवक बिना किसी ऊंच-नीच के भेदभाव के एक साथ बैठकर भोजन करते, एक साथ खेलकूद करते हैं, एक साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को स्वयंसेवकों द्वारा शहर में पथ संचलन का आयोजन किया गया। सभी स्वयंसेवकों ने अपनी एकता व अनुशासन का परिचय देते हुए कएक साथ कदम से कदम मिलाकर शहर में पथ संचलन किया। संचलन मार्ग में स्वयंसेवकों द्वारा देशभक्ति गीतों का गायन करते हुए राष्टï्र भक्तिमय वातावरण बना दिया गया।

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गर्मी के इस मौसम में स्वयंसेवक कर रहे हैं तपस्या

वर्ग कार्यवाह महेंद्र सिंह व सर्वाधिकार डॉ. रमेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भीषण गर्मी के मौसम में स्वयंसेवक पिछले कई दिनों से तपस्या कर रहे हैं। वर्ग में स्वयंसेवक बिना किसी आधुनिक संसाधन के कठिन परिश्रम करते हुए अपना पसीना बहा रहे हैं। इतनी भयंकर गर्मी में अपने घर-परिवार से दूर रहकर स्वयंसेवक बिना किसी स्वार्थ के राष्टहित के लिए अपना समय देकर रहे हैं।

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