"पब्लिक हेल्थ: 12वीं के बाद शानदार करियर का सुनहरा मौका"
- एमडीयू रोहतक में प्रवेश लेने का बेहतर अवसर
"पब्लिक हेल्थ: 12वीं के बाद शानदार करियर का सुनहरा मौका"
- एमडीयू रोहतक में प्रवेश लेने का बेहतर अवसर
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
देश में स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा तेज़ी से बदल रहा है। अब प्राथमिकता केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन को भी उतना ही महत्व दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसे सरकारी कार्यक्रमों के तहत 1,50,000 से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें Public Health Professionals की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
लेकिन चिंताजनक पहलू यह है कि भारत में वर्तमान में पब्लिक हेल्थ डोमेन में केवल 500 स्नातक प्रतिवर्ष तैयार हो रहे हैं, जबकि आवश्यकता 10,000 से अधिक प्रशिक्षित पेशेवरों की है। National Education Policy (NEP-2020) के तहत भी सामाजिक समस्याओं को हल करने हेतु मल्टीडिसिप्लिनरी प्रोग्राम्स को प्रोत्साहित किया गया है, जिसमें पब्लिक हेल्थ एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभर रहा है।
क्या है पब्लिक हेल्थ और क्यों है इसकी जरूरत?
पब्लिक हेल्थ वह क्षेत्र है जो समाज की सेहत को बेहतर बनाने पर केंद्रित होता है—बीमारियों की रोकथाम, पोषण, स्वच्छता, टीकाकरण, जनसंख्या नियंत्रण, मानसिक स्वास्थ्य और महामारी नियंत्रण इसके मुख्य उद्देश्य हैं। आने वाले वर्षों में भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में Public Health विशेषज्ञों की भारी मांग रहने वाली है।
सरकारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर
केंद्र और राज्य सरकारें पब्लिक हेल्थ कैडर के निर्माण पर जोर दे रही हैं, जिससे स्नातक एवं परास्नातक छात्रों के लिए सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
WHO, UNICEF, Gates Foundation, जैसे संस्थानों के अलावा कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां अब भारत में Public Health प्रोग्राम्स चला रही हैं।
पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल्स को Management Analyst, Health Specialist, Health Counsellor, Professor, Research Scientist, Lab Technician आदि के रूप में कार्य करने के अवसर मिल रहे हैं।
एम.डी. यूनिवर्सिटी रोहतक का अभिनव प्रयास
स्वास्थ्य क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक ने University Institute of Public Health Sciences (UIPHS) की स्थापना की है। यहां चार वर्षीय Bachelor in Public Health Sciences प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है, जो 12वीं (विज्ञान संकाय) के बाद करियर की तलाश कर रहे छात्रों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
प्रवेश पात्रता:
10+2 विज्ञान वर्ग के साथ न्यूनतम 60% अंक अनिवार्य हैं। प्रवेश हेतु विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गर्ग ने कहा, "आज के दौर में स्वास्थ्य केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समुदाय, नीति, जीवनशैली और जागरूकता से जुड़ा व्यापक विषय है। हमारा उद्देश्य ऐसे Public Health Professionals तैयार करना है जो वैश्विक मानकों पर खरे उतरें और समाज में वास्तविक परिवर्तन ला सकें।"
यदि आप समाज की सेवा करते हुए एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर बनाना चाहते हैं, तो Public Health आपके लिए एक आदर्श विकल्प है। न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इस क्षेत्र के पेशेवरों की मांग निरंतर बढ़ रही है। 12वीं के बाद यह एक ऐसा कोर्स है जो आपको करियर की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
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