धनखड़ खाप का आह्वान — रोहित धनखड़ को न्याय दिलाने के लिए 13 दिसंबर को रोहतक जाट भवन में महापंचायत
28 नवंबर को बॉडी बिल्डर की हत्या में आरोपित नहीं हुए गिरफ्तार
धनखड़ खाप का आह्वान — रोहित धनखड़ को न्याय दिलाने के लिए 13 दिसंबर को रोहतक जाट भवन में महापंचायत
- 28 नवंबर को बॉडी बिल्डर की हत्या में आरोपित नहीं हुए गिरफ्तार
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और छह बार के नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट रोहित धनखड़ की निर्मम हत्या ने पूरे धनखड़ खाप ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देशभर के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना ने सामाजिक संगठनों, खाप पंचायतों और 36 बिरादरियों में गहरा शोक, पीड़ा और आक्रोश पैदा किया है। इसी सामूहिक भावनात्मक माहौल के बीच, राष्ट्रीय धनखड़ खाप के नेतृत्व में 13 दिसंबर को रोहतक के जाट भवन में एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय धनखड़ खाप महापंचायत आयोजित की जा रही है। महापंचायत का उद्देश्य न्याय की लड़ाई को मजबूत, संगठित और निर्णायक दिशा देना है।
इस महापंचायत में हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सभी धनखड़ खापें, सामाजिक संगठन, प्रतिष्ठित समाजसेवी, युवा वर्ग और 36 बिरादरियों के प्रतिनिधि भारी संख्या में पहुंचेंगे। यह पहली बार होगा जब इतने बड़े स्तर पर चार राज्यों की खापें एक मंच पर एकत्र होकर रोहित धनखड़ हत्याकांड में न्याय सुनिश्चित करने के लिए अपनी रणनीति साझा करेंगी।
डीजीपी से मुलाकात — एक सप्ताह की समय सीमा
9 दिसंबर को रोहित धनखड़ का परिवार, समाज के प्रतिनिधि और विभिन्न खापों के प्रमुख चंडीगढ़ में हरियाणा के डीजीपी ओ.पी. सिंह से मिले। परिवार ने इस मुलाकात में हत्या से जुड़े तथ्य, संदेह और जांच में आ रही कमियों को विस्तार से रखा। परिजनों का कहना था कि रोहित धनखड़ केवल एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि देश का गौरव थे—ऐसे में हत्या को एक सामान्य अपराध नहीं माना जा सकता।
डीजीपी ने परिवार की संवेदनाओं को संज्ञान में लेते हुए मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई के लिए एक सप्ताह की समय सीमा मांगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस अवधि में ठोस प्रगति दिखाई जाएगी और पुलिस त्वरित कार्रवाई करेगी।
13 दिसंबर की महापंचायत — आगे की रणनीति तय करेगी
समाज ने यह निर्णय लिया है कि प्रशासन द्वारा दिए गए समय तक प्रतीक्षा की जाएगी, लेकिन यदि इस अवधि में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती या जांच में स्पष्ट प्रगति नहीं होती, तो आगे की दिशा महापंचायत में तय की जाएगी। यही कारण है कि यह महापंचायत केवल एक सांकेतिक बैठक नहीं रह गई है—यह अब न्याय और सामाजिक अस्मिता की सामूहिक आवाज बन चुकी है।
जाट भवन में होने वाली इस बैठक में न्याय की मांग के साथ-साथ भविष्य की आंदोलनात्मक रणनीति, कानूनी सहायता, जनसमर्थन अभियान और प्रशासन की जवाबदेही पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
धनखड़ समाज का मानना है कि रोहित धनखड़ को न्याय दिलाने की लड़ाई पूरे समाज की ताकत और एकता का परीक्षण है। रोहतक में होने वाली यह महापंचायत प्रदेश में सामाजिक एकजुटता और न्यायिक मांग का एक ऐतिहासिक क्षण साबित हो सकती है।
-------------