जीरामजी योजना ग्रामीण मजदूरों और किसानों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम : सुभाष बराला

कांग्रेस पर जीरामजी योजना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप, कहा—हमारा लक्ष्य स्थायी रोजगार और आजीविका

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जीरामजी योजना ग्रामीण मजदूरों और किसानों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम : सुभाष बराला

जीरामजी योजना ग्रामीण मजदूरों और किसानों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम : सुभाष बराला

कांग्रेस पर जीरामजी योजना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप, कहा—हमारा लक्ष्य स्थायी रोजगार और आजीविका

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी–जीरामजी योजना ग्रामीण मजदूरों और किसानों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। रोहतक स्थित भाजपा कार्यालय मंगलकमल में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है और इस लक्ष्य की पूर्ति में ग्रामीण भारत की भागीदारी सबसे अहम है।

सुभाष बराला ने कहा कि जीरामजी योजना का उद्देश्य गरीब, मजदूर और किसानों को सशक्त बनाना है, ताकि उन्हें स्थायी रोजगार और सम्मानजनक आजीविका मिल सके। उन्होंने कांग्रेस पर योजना को लेकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस केवल लोगों को भ्रमित करने का काम कर रही है।

महात्मा गांधी के नाम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि महात्मा गांधी पूरे देश के हैं और उनकी “ठेकेदारी” लेने का कांग्रेस को कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक योजनाओं के नाम बदलने का काम किया, लेकिन जब भाजपा कोई योजना नया स्वरूप देती है तो उस पर आपत्ति जताई जाती है।

बराला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा योजना भ्रष्टाचार, फर्जी परियोजनाओं और धन की लूट का माध्यम बन गई थी। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के 10 वर्षों में मनरेगा पर लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने बीते 10 वर्षों में इससे ढाई गुना अधिक राशि खर्च की है। “हमारी नीयत साफ है और हमारा लक्ष्य रोजगार देना है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने बताया कि जीरामजी योजना के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से फर्जी जॉब कार्ड, बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।

सुभाष बराला ने कहा कि योजना के अंतर्गत सभी परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग कर उन्हें ISRO के ‘भुवन पोर्टल’ पर अपलोड किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही, ब्लॉक और जिला स्तर पर बहुस्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें 7 दिन की समय-सीमा तय की गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि धान की कटाई के मौसम में 60 दिनों तक कार्य रोका जाएगा, ताकि खेती पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। योजना के तहत एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड भी जारी किया जाएगा, जो श्रमिकों के अधिकारों का मजबूत दस्तावेज होगा।

जिला मीडिया प्रभारी पंकज भारद्वाज ने बताया कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए देशभर में विकसित भारत ग्राम अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत गांवों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार को मजबूत किया जा रहा है।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल, जिला अध्यक्ष रणवीर सिंह ढाका सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

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