अरावली पर सुप्रीम कोर्ट का संज्ञान स्वागतयोग्य, खनन माफिया सरकार की नाक के नीचे कर रहा सेंधमारी : हुड्डा
- भर्तियों से हरियाणवी युवाओं को बाहर कर रही है बीजेपी सरकार, एचपीयू भर्ती के आंकड़े चिंताजनक
अरावली पर सुप्रीम कोर्ट का संज्ञान स्वागतयोग्य, खनन माफिया सरकार की नाक के नीचे कर रहा सेंधमारी : हुड्डा
- भर्तियों से हरियाणवी युवाओं को बाहर कर रही है बीजेपी सरकार, एचपीयू भर्ती के आंकड़े चिंताजनक
टीएचटी न्यूज, रोहतक, 29 दिसंबर।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अरावली पर्वत श्रृंखला में खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेने को स्वागतयोग्य कदम बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस फैसले का स्वागत करती है, क्योंकि अरावली के संरक्षण का मुद्दा कांग्रेस ने पहले ही विधानसभा में उठाया था, लेकिन सरकार चर्चा से लगातार भागती रही।
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने इस विषय पर अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव भी दिया था, जिसे सरकार ने अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट स्पष्ट रूप से चेतावनी देती है कि अरावली का सबसे गंभीर प्रभाव हरियाणा पर पड़ेगा। अरावली पहाड़ियां हरियाणा के ‘फेफड़ों’ की तरह काम करती हैं और इनके नष्ट होने से प्रदूषण कई गुना बढ़ेगा।
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अरावली को बचाने के लिए प्रभावी पक्ष क्यों नहीं रखा और अब तक अवैध खनन माफिया पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी सरकार इस मुद्दे पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई।
हुड्डा ने कहा कि खनन माफिया किस हद तक बेखौफ है, इसका प्रमाण प्रदेश पहले भी देख चुका है। 19 जुलाई 2022 को नूंह में खनन माफिया द्वारा एक डीएसपी की हत्या, और 1 जनवरी 2022 को भिवानी के डाडम क्षेत्र में अवैध खनन से हुए लैंडस्लाइड में पांच मजदूरों की मौत इसी की मिसाल हैं। ये सभी घटनाएं अरावली क्षेत्र में ही हुईं। इससे साफ है कि अरावली को नुकसान पहुंचाने के लिए नए नियमों की जरूरत नहीं, बल्कि अवैध खनन के जरिए माफिया पहले से ही इस पर्वत श्रृंखला को खोखला कर रहा है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा ने हरियाणा की भर्तियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जानबूझकर हरियाणवी युवाओं को नौकरियों से बाहर कर रही है। हरियाणा पावर यूटिलिटीज (HPU) असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती के दस्तावेज सत्यापन के आंकड़े इसका प्रमाण हैं, जहां जनरल कैटेगरी के 214 उम्मीदवारों में से केवल 29 हरियाणा डोमिसाइल वाले पाए गए।
हुड्डा ने कहा कि जब हरियाणा पहले ही देश में बेरोजगारी के मामले में शीर्ष राज्यों में शामिल है, तब प्रदेश के युवाओं को ही नौकरियों से वंचित करना गंभीर अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीजेपी की सोची-समझी नीति है, जिसका उद्देश्य न केवल हरियाणा की नौकरियां बाहरियों को देना है, बल्कि इसके जरिए प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने का प्रयास भी किया जा रहा है।
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