रोहित धनखड़ हत्याकांड: सर्वखाप पंचायत की एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मुलाकात, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग
एक महीने में सिर्फ 5 गिरफ्तारियों पर नाराज़गी, राजनीतिक दबाव का आरोप; एडीजीपी ने शीघ्र निर्णय का दिया आश्वासन
रोहित धनखड़ हत्याकांड: सर्वखाप पंचायत की एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मुलाकात, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग
- एक महीने में सिर्फ 5 गिरफ्तारियों पर नाराज़गी, राजनीतिक दबाव का आरोप; एडीजीपी ने शीघ्र निर्णय का दिया आश्वासन
टीएचटी न्यूज, पंचकूला / रोहतक | 29 दिसंबर 2025
अंतरराष्ट्रीय बॉडी बिल्डर एवं छह बार के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता स्वर्गीय रोहित धनखड़ की नृशंस हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर सर्वखाप पंचायत, हरियाणा एवं पीड़ित परिवार के सदस्यों ने सोमवार को हरियाणा पुलिस मुख्यालय में एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कुलदीप सिंह से मुलाकात की।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिनिधिमंडल को पुलिस महानिदेशक (DGP) से मिलना था, किंतु व्यस्तता के चलते एडीजीपी से वार्ता हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने एडीजीपी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि 27 नवंबर 2025 को हुई इस हत्या में 18–20 लोगों की संलिप्तता सामने आ चुकी है, लेकिन घटना के एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक केवल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो पाई है, जबकि चार अन्य संदिग्धों के नाम ही सामने आए हैं। पंचायत और परिवार ने इसे एक संगठित और जघन्य अपराध के अनुपात में अत्यंत धीमी जांच बताया।
पंचायत ने यह भी स्मरण कराया कि 9 दिसंबर 2025 को पुलिस महानिदेशक द्वारा सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दिया गया था कि एक सप्ताह के भीतर सभी मुख्य और अन्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे, उन्हें भगोड़ा (PO) घोषित किया जाएगा तथा उनकी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी। किंतु निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी न तो सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही कुर्की अथवा PO घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो सकी है।
सर्वखाप पंचायत और पीड़ित परिवार ने भिवानी पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय प्रभाव, राजनीतिक दबाव या सामाजिक संरक्षण के चलते जांच की गति और दिशा प्रभावित हो रही है। इसी आधार पर पंचायत ने मांग की कि मामले की जांच भिवानी से हटाकर रोहतक जिले की CIA या STF जैसी विशेष एजेंसी को सौंपी जाए, जिससे निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि इससे पहले वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिल चुके हैं। उस दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायत के समक्ष फोन पर डीजीपी से बात कर जांच ट्रांसफर के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई ठोस प्रशासनिक आदेश जारी नहीं हुआ है, जिससे पीड़ित परिवार और समाज में निराशा बनी हुई है।
एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कुलदीप सिंह ने पंचायत और परिवार की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि जांच ट्रांसफर के विषय में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई को तेज़ करने के लिए वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा की जाएगी।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सर्वखाप पंचायत ने कहा कि उन्होंने प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है। इस अवधि में यदि शेष आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए, उन्हें PO घोषित नहीं किया गया और उनकी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो वे प्रदेश स्तरीय सर्वखाप पंचायत बुलाकर आगे की रणनीति तय करेंगे, जिसमें बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।
हालांकि पंचायत और पीड़ित परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सरकार और प्रशासन से टकराव नहीं चाहते, बल्कि सहयोग के साथ न्याय की अपेक्षा रखते हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते ठोस कार्रवाई करता है, तो उन्हें सड़कों पर उतरने की नौबत नहीं आएगी।
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