आईजीएनओयू के प्रो. अरविंद कुमार दूबे ने एमडीयू आईएचटीएम में बताया आतिथ्य व पर्यटन शोध का रोडमैप
- एमडीयू रोहतक के आईएचटीएम विभाग में आयोजित विशेषज्ञ सत्र में शोधार्थियों को रिसर्च मेथडोलॉजी, टॉपिक चयन, डेटा विश्लेषण और डिजिटल टूल्स की गहराई से जानकारी दी गई।
आईजीएनओयू के प्रो. अरविंद कुमार दूबे ने एमडीयू आईएचटीएम में बताया आतिथ्य व पर्यटन शोध का रोडमैप
- एमडीयू रोहतक के आईएचटीएम विभाग में आयोजित विशेषज्ञ सत्र में शोधार्थियों को रिसर्च मेथडोलॉजी, टॉपिक चयन, डेटा विश्लेषण और डिजिटल टूल्स की गहराई से जानकारी दी गई।
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
25 नवंबर।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के इंस्टिट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट (आईएचटीएम) में आयोजित एक विशेष शैक्षणिक सत्र में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), नई दिल्ली के स्कूल ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी सर्विस मैनेजमेंट के प्रो. अरविंद कुमार दूबे ने आतिथ्य एवं पर्यटन शोध के आधुनिक आयामों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। सत्र में आईएचटीएम के शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शोध प्रक्रिया की बारीकियों को समझा।
प्रो. दूबे ने वैश्विक परिदृश्य में हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म रिसर्च की बढ़ती प्रासंगिकता रेखांकित की। उन्होंने प्रभावी रिसर्च टॉपिक चयन, शोध समस्या की पहचान तथा संदर्भ सामग्री के गहन अध्ययन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि ‘रिव्यू ऑफ लिटरेचर’ की व्यवस्थित प्रक्रिया और रिसर्च गैप की पहचान गुणवत्तापूर्ण शोध की नींव होती है, जिसे शोधार्थियों को अत्यधिक गंभीरता से अपनाना चाहिए।
रिसर्च मेथडोलॉजी पर बात करते हुए उन्होंने क्वांटिटेटिव और क्वालिटेटिव तकनीकों के संतुलित उपयोग, सैंपलिंग मेथड्स, डेटा कलेक्शन टूल्स, स्केल्स, वैधता–विश्वसनीयता और नैतिक शोध प्रथाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल टूल्स, रेफरेंस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, डेटा एनालिसिस प्लेटफॉर्म तथा प्लेगरिज़्म चेकिंग साधनों के उपयोग को आधुनिक शोध का अनिवार्य हिस्सा बताया।
डेटा विश्लेषण और रिपोर्ट लेखन के दौरान विचारों की स्पष्टता, तार्किक संरचना और नीति-उन्मुख निष्कर्षों पर भी उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ चर्चा की।
सत्र की अध्यक्षता करते हुए आईएचटीएम के निदेशक प्रो. आशीष दहिया ने प्रो. दूबे का स्वागत किया और कहा कि ऐसे विशेषज्ञ सत्र शोधार्थियों की अकादमिक दृष्टि को समृद्ध बनाते हैं तथा विभाग में मजबूत शोध संस्कृति का निर्माण करते हैं। समापन पर प्रो. संदीप मलिक ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस सत्र को अत्यंत प्रेरणादायक एवं उपयोगी बताया।
कार्यक्रम का संचालन व समन्वय डॉ. अनूप कुमार ने किया। शोधार्थी अनुराग, मोहित, सुप्रिया, यश, मोहित श्योकंद, धीरेज, लक्ष्य, नितेश सहित अन्य शोधार्थियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता दी। सत्र को आईएचटीएम में आतिथ्य एवं पर्यटन शोध पर केंद्रित एक सारगर्भित और मार्गदर्शी पहल के रूप में सराहा गया।
----------------