TEDx IIM रोहतक ने ‘लर्न, अनलर्न, रीलर्न’ थीम के साथ मनाया 10 वर्षों का प्रेरक सफर

- 1600 से अधिक छात्रों की उपस्थिति में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित वक्ताओं ने जीवन, नेतृत्व और निरंतर सीखने की शक्ति पर विचार साझा किए; IIM रोहतक ने इसे छात्र-चालित बौद्धिक पहल बताया।

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TEDx IIM रोहतक ने ‘लर्न, अनलर्न, रीलर्न’ थीम के साथ मनाया 10 वर्षों का प्रेरक सफर

TEDx IIM रोहतक ने ‘लर्न, अनलर्न, रीलर्न’ थीम के साथ मनाया 10 वर्षों का प्रेरक सफर

- 1600 से अधिक छात्रों की उपस्थिति में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित वक्ताओं ने जीवन, नेतृत्व और निरंतर सीखने की शक्ति पर विचार साझा किए; IIM रोहतक ने इसे छात्र-चालित बौद्धिक पहल बताया।

टीएचटी न्यूज, रोहतक हरियाणा।

भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रोहतक ने  TEDx IIM Rohtak के 10वें संस्करण का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम की थीम— “Learn, Unlearn, Relearn”—ने सतत विकास, बदलते दृष्टिकोणों और नए सिरे से सीखने की प्रक्रिया को केंद्र में रखा। कार्यक्रम में खेल, रक्षा, कला, सार्वजनिक नीति और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने अनुभव और प्रेरक जीवन कहानियाँ साझा कीं। कार्यक्रम में 1600 से अधिक छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।

मुख्य वक्ता डॉ. सत्य पाल सिंह ने अपने पुलिस और सार्वजनिक जीवन के विस्तृत अनुभवों के आधार पर ईमानदारी, आत्मचिंतन और परिवर्तन को अपनाने जैसे मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीखना दिशा देता है, अनलर्निंग मन को स्वतंत्र बनाती है और रीलर्निंग जीवन को उद्देश्य देती है।

वक्ता विवेक अत्रेय ने छात्रों को बड़े लक्ष्य तय करने, जोखिम लेने और हर वर्ष नई कौशल सीखने का साहस रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सतत सुधार और जिज्ञासा ही एक सफल नेता की पहचान है।

IIM रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने स्वागत भाषण में TEDx को पूरी तरह छात्र-चालित पहल बताते हुए कहा कि यह मंच संस्थान की सकारात्मक बौद्धिक संस्कृति को समृद्ध करता है। उन्होंने कहा कि “लर्न, अनलर्न, रीलर्न” की अवधारणा भारतीय परंपरा में गहराई से निहित है और यह मूल्य जीवन भर नेतृत्व को आकार देते हैं।

कार्यक्रम में डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा, गुलशीण आनंद, गुरमंगल दास, अशोक देशमाने, प्रीति डिमरी, शिवम एस. खजूरिया, प्रफुल गर्ग और प्रतिष्ठा देवेश्वर सहित कई वक्ताओं ने अपनी यात्रा, संघर्ष और आत्म-खोज की भावनात्मक कहानियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे सीखना उन्हें सीमित मान्यताओं से बाहर निकलने में मदद करता है और कैसे अनुकूलनशीलता ने उनके करियर को नई दिशा दी।

समापन संबोधन में प्रो. शर्मा ने कहा कि नेतृत्व एक आजीवन अनुशासन है—“विनम्रता से सीखना, साहस के साथ पुरानी मान्यताएँ छोड़ना और उद्देश्यपूर्ण तरीके से फिर से सीखना।”

2500 से अधिक छात्रों वाले IIM रोहतक को AMBA मान्यता प्राप्त है और यह दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत प्रबंधन संस्थानों में शामिल है। TEDx का यह 10वां संस्करण एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि संस्थान प्रेरक संवाद, नवाचार और सीखने की संस्कृति को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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