महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के आईएचटीएम का नवाचारी मॉडल

- पढ़ाई, प्रशिक्षण और उद्यमिता से सुनिश्चित हो रहा रोजगार : प्राे. आशीष दहिया

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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के आईएचटीएम का नवाचारी मॉडल

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के आईएचटीएम का नवाचारी मॉडल

- पढ़ाई, प्रशिक्षण और उद्यमिता से सुनिश्चित हो रहा रोजगार : प्राे. आशीष दहिया

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन क्षेत्र में कौशल आधारित, रोजगारपरक और उद्यमिता केंद्रित शिक्षा को नई दिशा देते हुए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के होटल एवं पर्यटन प्रबंधन संस्थान (आईएचटीएम) ने बीते वर्षों में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। संस्थान विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और नवाचार आधारित उद्यमिता से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बना रहा है।

आईएचटीएम के निदेशक प्रो. आशीष दहिया ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह के मार्गदर्शन में संस्थान ने समय की मांग के अनुरूप कई नवाचारी पहल शुरू की हैं। इनमें दक्षिण एशिया का पहला फूड ट्रक (खाद्य वाहन) संचालन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, अप्रेंटिसशिप आधारित डिग्री कार्यक्रम तथा भारतीय पारंपरिक व्यंजनों के मूल्य संवर्धन से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल हैं। ये कार्यक्रम भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान, पूसा और पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि होटल एवं सेवा प्रबंधन तथा पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन में संचालित अप्रेंटिसशिप आधारित स्नातक पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ उद्योग में कार्य अनुभव भी अर्जित कर रहे हैं। इससे छात्रों को सीखते हुए आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है। आईटीसी क्लासिक गोल्फ एंड कंट्री क्लब के साथ किया गया शैक्षणिक सहयोग और अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग बोर्ड के साथ समझौता इस मॉडल को देशभर में विशिष्ट बनाता है।

प्रो. संदीप मलिक ने बताया कि विश्वविद्यालय के नवाचार, इनक्यूबेशन एवं उद्यमिता केंद्र के सहयोग से आईएचटीएम ने एक सशक्त नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है। विश्वविद्यालय से निकला खाद्य स्टार्टअप ‘डैफेटेरिया’ राष्ट्रपति भवन तक अपनी पहचान बना चुका है, जबकि ‘मोयोस’ ब्रांड फ्रोजन डेज़र्ट के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अतिरिक्त अस्पताल खाद्य सेवाएं, आहार विज्ञान और खेल पोषण जैसे रोजगारोन्मुख प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

डॉ. संजीव ने बताया कि आईएचटीएम के पूर्व विद्यार्थी देश-विदेश में शिक्षण, शोध और उद्योग जगत में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। कई पूर्व छात्र जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और होटल प्रबंधन संस्थानों में कार्यरत हैं, जबकि अनेक आईटीसी, ताज, ओबेरॉय, हयात और आईटीडीसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।

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