एमडीयू में पारंपरिक परिधान रैली में झलकी भारत की सांस्कृतिक एकता
– रक्तदान, तिलियार झील की सफाई और सामाजिक संदेशों से गूंजा दिन
एमडीयू में पारंपरिक परिधान रैली में झलकी भारत की सांस्कृतिक एकता
– रक्तदान, तिलियार झील की सफाई और सामाजिक संदेशों से गूंजा दिन
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में चल रहे राष्ट्रीय एकता शिविर के अंतर्गत रविवार का दिन संस्कृति, सेवा और समर्पण के रंगों से सराबोर रहा। “देश के रंग, सब रंग” थीम पर आयोजित पारंपरिक परिधान रैली ने भारत की विविधता में एकता की सुंदर झलक प्रस्तुत की और विश्वविद्यालय परिसर को लोकधुनों और राष्ट्रीय भावनाओं से गूंजा दिया।
रैली को छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. सपना गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का संचालन एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सविता राठी, सीसीपीसी निदेशक प्रो. दिव्या मल्हान, गणित विभाग की डॉ. अंजु पंवार और सीआरए कॉलेज सोनीपत के डॉ. अभिमन्यु मलिक के मार्गदर्शन में किया गया।
रैली टैगोर सभागार से शुरू होकर राज्य शहीद स्मारक तक पहुँची। वहां विभिन्न राज्यों से आए दलनायकों और स्वयंसेवकों ने शहीदों की प्रतिमाओं पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
देश के 11 राज्यों—असम, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, मेघालय, नई दिल्ली, ओडिशा, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और हरियाणा—से आए स्वयंसेवकों ने अपने-अपने पारंपरिक परिधानों, लोक वाद्ययंत्रों और नृत्यों के माध्यम से अपने राज्य की संस्कृति की झांकी प्रस्तुत की। ढोल–नगाड़ों की थाप और लोकधुनों की गूंज ने एमडीयू परिसर को राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और गौरव के रंगों से भर दिया।
रक्तदान और स्वच्छता से मिला सेवा का संदेश
शिविर के दौरान राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, बाढ़सा के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस.के. मलिक उपस्थित रहे। उन्होंने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान जीवनदान है, जो मानवता और सेवा का सर्वोच्च रूप है। स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 38 यूनिट रक्तदान किया।
रक्तदान शिविर के बाद एनएसएस टीम ने तिलियार झील परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया और “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” का संदेश दिया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए, जिनके माध्यम से उन्होंने लिंग समानता, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जनजागरण किया।
राष्ट्रीय एकता और सेवा का संदेश
एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सविता राठी ने कहा कि “‘देश के रंग, एक संग’ केवल एक थीम नहीं, बल्कि एक विचार है जो एकता, संस्कृति, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ता है। आज स्वयंसेवकों ने अपने कर्म से इन सभी मूल्यों को साकार कर सच्चे अर्थों में राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया है।”
इस आयोजन के सफल संचालन में स्वयंसेवक राघव, योगेश, पियूष, माही, आरजू, मोनू, सुजीत, हार्दिक और प्रीति ने विशेष सहयोग दिया।
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