राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर एमडीयू की ऐतिहासिक पहल
एमडीयू, रोहतक द्वारा गांव माड़ौदी से देश के पहले नशा मुक्त घर अभियान का शुभारंभ
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर एमडीयू की ऐतिहासिक पहल
एमडीयू, रोहतक द्वारा गांव माड़ौदी से देश के पहले नशा मुक्त घर अभियान का शुभारंभ
- नशा मुक्त घर अभियान आज विश्व की जरूरत: कुलपति प्रो. राजबीर सिंह
- नशा उन्मूलन में मील का पत्थर साबित होगा यह महाअभियान
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के उपलक्ष्य में आज महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक ने गांव माड़ौदी रांगड़ान में नशा मुक्त घर अभियान प्रारंभ हुआ। यूनिवर्सिटी आउटरीच द्वारा प्रारंभ किए गए इस अनूठे एवं ऐतिहासिक अभियान के तहत वीरवार को देश की पहली ग्राम सभा का आयोजन किया गया। बता दें कि इस ऐतिहासिक एवं अनूठे कार्यक्रम का आइडिया एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने दिया है।
नशा मुक्त घर अभियान के आरंभकर्ता एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने नशा मुक्त घर अभियान को विश्व की आवश्यकता बताते हुए इसे परिवार और समाज की सुरक्षा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक परिस्थितियों में नशा मुक्त घर अभियान केवल एक सामाजिक प्रयास नहीं, बल्कि समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा कि नशा जहां एक ओर व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, वहीं दूसरी और यह पूरे परिवार और समाज की जड़ों को भी खोखला कर देता है।
कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि स्वस्थ समाज की नींव, बच्चों के सुरक्षित बचपन, अपराधों की कमी और आर्थिक बचत के लिए नशा मुक्त घर अभियान जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त परिवारों को बढ़ावा एवं प्रोत्साहन देने की जरूरत है, ताकि समाज में ये रोल मॉडल बनें। उन्होंने कहा कि इस अभियान से एमडीयू से संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा और एमडीयू के विद्यार्थी ग्राम सारथी के तौर पर सजग वालंटियर्स के तौर पर इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएंगे और भविष्य में देश में नशा उन्मूलन की दिशा में यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा।
भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्षा डा. शरणजीत कौर ने इस अवसर पर बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। उन्होंने एमडीयू द्वारा आज संचालित किए गए नशा मुक्त घर अभियान की सराहना करते हुए इसे देश में अपने आप में अनूठी पहल बताया। डा. शरणजीत कौर ने ग्रामीणों से घरों में नशा न करने, बच्चों को नशे से दूर रखने, नशा पीड़ित लोगों की सहायता करने, काउंसलिंग और पुनर्वास केन्द्रों से उन्हें जोड़ने और इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गांव सरपंच मौसम ने की। उन्होंने कुलपति प्रो. राजबीर सिंह और एमडीयू का इस महाअभियान की शुरूआत के लिए ग्राम पंचायत माड़ौदी को चुनने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को इस अभियान से जोडक़र ज्यादा से ज्यादा घरों को नशा मुक्त घर अभियान से जोड़ा जाएगा। एमडीयू आउटरीच के प्रोफेसर इन प्रैक्टिस तथा प्रतिष्ठित समाजसेवी सुनील जागलान ने बतौर माडरेटर कार्यक्रम में ग्रामीणों को नशामुक्त घर अभियान से जुडऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गांव बीबीपुर समेत अन्य उदाहरण देते हुए ग्रामीणों को नशे से दूर रहने एवं नशा मुक्त घर अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। यूनिवर्सिटी आउटरीच निदेशिका प्रो. अंजू धीमान ने कार्यक्रम का समन्वयन किया। माड़ौदी गांव के ग्रामीणों ने कार्यक्रम में नशा मुक्त घर अभियान की सराहना की और इससे जुड़ कर पूरे गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में एमडीयू के ग्राम सारथियों (आउटरीच वालंटियर्स) ने ग्राम सभा का अभ्यास मॉडल विवि के विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित किया गया। एमडीयू के यूआईईटी के प्रिंस कुमार ने ग्राम सचिव की भूमिका तथा एमडीयू की छात्रा गुजरात की यांशि देसाई ने हरियाणवी सरपंच की भूमिका का निर्वहन किया। प्रतिष्ठित ग्रामीण विजेन्द्र ने एमडीयू की इस पहल की सराहना की और कहा कि नशामुक्त घर अभियान नशा उन्मूलन में अहम भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के नशे से घर पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों बारे ग्रामीण महिलाओं ने अपनी बात रखी। अंत में नशे का सेवन करने वाले ग्रामीणों ने नशे से दूर रहने का प्रयास करने की बात कही। श्रीकृष्ण और सतबीर ने इस अवसर पर नशा छोड़ने की इच्छा जताई और इस दिशा में सरकार द्वारा गांवों में पहल करने की जरूरत की बात कही।
ग्रामीण महिलाओं ने भी इस अवसर पर नशे बारे ग्रामीण हालात सामने रखें और नशे से घर एवं परिवार पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों बारे जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि गांव माड़ौदी में लगभग 450 घरों में से केवल 22 घर ही नशामुक्त हैं। गांव की जनसंख्या 2800 है। यह सर्वे विश्वविद्यालय के आउटरीच के वालंटियर्स द्वारा किया गया है, जिनका रजिस्ट्रेशन ग्राम सचिव सूरज सैनी ने गांव की कार्यवाही रजिस्टर में किया गया है। यूनिवर्सिटी आउटरीच के ग्राम सभा सारथियों ने भी कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा किए।
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