“यह कोर्स बना सकता है नौकरी की गारंटी!”
- अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब्स, रिसर्च संस्थानों, आईवीएफ क्लीनिक्स, और कॉर्पोरेट हेल्थ सेक्टर में रोजगार के अपार अवसर
व्यावसायिक उन्मुख यह पाठ्यक्रम खोलेगा युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार
- एमडीयू में जेनेटिक्स काउंसलिंग में पीजी डिप्लोमा में एडमिशन की प्रक्रिया जारी
- अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब्स, रिसर्च संस्थानों, आईवीएफ क्लीनिक्स, और कॉर्पोरेट हेल्थ सेक्टर में रोजगार के अपार अवसर
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के जेनेटिक्स विभाग द्वारा संचालित पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जेनेटिक्स काउंसलिंग कोर्स युवाओं को जेनेटिक हेल्थकेयर क्षेत्र में उज्ज्वल करियर की ओर अग्रसर कर रहा है। यह कोर्स न केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध है, बल्कि इसमें रोजगार की अपार संभावनाएं भी समाहित हैं।
डीन, फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज एवं इस रोजगारपरक पाठ्यक्रम की कोर्स कोऑर्डिनेटर प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ ने बताया कि जेनेटिक्स काउंसलिंग, वर्तमान समय में हेल्थकेयर क्षेत्र का एक तेजी से उभरता हुआ और अत्यधिक आवश्यक आयाम बन चुका है। यह विशेष रूप से उन रोगियों की मदद करता है जिन्हें वंशानुगत या जेनेटिक बीमारियों की संभावना होती है। जेनेटिक काउंसलर ऐसे मरीजों और उनके परिवारजनों को संभावित जोखिमों, परीक्षणों और निर्णयों के बारे में वैज्ञानिक एवं भावनात्मक रूप से मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि एमडीयू का यह एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स विद्यार्थियों को इस जटिल लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करता है। कोर्स को इस तरह से तैयार किया गया है कि इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल, दोनों का संतुलित समावेश है। छात्र न केवल आनुवंशिक विकारों की बुनियादी समझ प्राप्त करते हैं, बल्कि उन्हें जेनेटिक परीक्षण, रोग मूल्यांकन, और प्रभावी काउंसलिंग के व्यावसायिक कौशल भी सिखाए जाते हैं।
प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ ने बताया कि यह कोर्स विशेष रूप से उन छात्रों के लिए उपयोगी है जो मेडिकल, बायोटेक्नोलॉजी, नर्सिंग या बायोलॉजिकल साइंसेज की पृष्ठभूमि से आते हैं और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक विशेषीकृत और समाजोपयोगी भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जेनेटिक काउंसलिंग के पेशेवरों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, विशेष रूप से कैंसर, नवजात विकारों, प्रजनन संबंधी समस्याओं और दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों के क्षेत्रों में। इस कोर्स को पूरा करने के बाद छात्र विभिन्न अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब्स, रिसर्च संस्थानों, आईवीएफ क्लीनिक्स, और कॉर्पोरेट हेल्थ सेक्टर में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
इस पाठ्यक्रम में एडमिशन के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है, और इच्छुक उम्मीदवार 26 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कोर्स के लिए पात्रता मानदंडों में जीव विज्ञान में एमएससी, बी. फार्मेसी, एम. फार्मेसी, एमबीबीएस, बीडीएस, बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग। विस्तृत जानकारी के लिए विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.mdu.ac.in पर विजिट कर सकते हैं या जेनेटिक्स विभाग से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
यह कोर्स न केवल विज्ञान और चिकित्सा में गहराई से रुचि रखने वालों के लिए है, बल्कि उन युवाओं के लिए भी एक सुनहरा अवसर है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं और मरीजों को एक नई आशा देने में विश्वास रखते हैं।
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