लाखनमाजरा हादसा: दीपेन्द्र हुड्डा बोले—सरकार की लापरवाही से गई दो

- खिलाड़ियों की जान, परिवार को नौकरी व आर्थिक सहायता मिले

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लाखनमाजरा हादसा: दीपेन्द्र हुड्डा बोले—सरकार की लापरवाही से गई दो

लाखनमाजरा हादसा: दीपेन्द्र हुड्डा बोले—सरकार की लापरवाही से गई दो

- खिलाड़ियों की जान, परिवार को नौकरी व आर्थिक सहायता मिले

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

लाखनमाजरा मिनी स्टेडियम में अभ्यास के दौरान राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत और बहादुरगढ़ में खिलाड़ी अमन के निधन को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने हार्दिक के गांव लाखनमाजरा पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और शोक संवेदना प्रकट की। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों की मौत के लिए सरकार और खेल प्रशासन की "लापरवाही और बेरुखी" को जिम्मेदार ठहराया।

परिजनों से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि हार्दिक और अमन जैसे दो होनहार खिलाड़ियों की जान यदि समय पर खेल सुविधाओं के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर ध्यान दिया जाता, तो बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा, “यह महज हादसा नहीं, बल्कि सरकार की घोर लापरवाही है। खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है, जिसमें मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह नाकाम रही है।”

सांसद निधि से दी गई 18.5 लाख की ग्रांट ‘फाइलों में अटकी’—हुड्डा

दीपेन्द्र हुड्डा ने दावा किया कि उन्होंने 2023 और 2025 में लाखनमाजरा स्टेडियम की मरम्मत और रखरखाव के लिए कुल 18.5 लाख रुपये सांसद निधि से जारी किए थे, लेकिन यह राशि स्टेडियम पर खर्च नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने यह फंड फाइलों में अटका दिया और न तो स्टेडियम की मरम्मत की गई, न ही सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण।

हुड्डा ने कहा, “यदि मेरी सांसद निधि का पैसा समय पर लगाया जाता, तो हार्दिक की जान नहीं जाती। पोल जंग खा चुका था, लेकिन उसे बदलने तक की जहमत नहीं उठाई गई।”

उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए और जो अधिकारी फंड के उपयोग में लापरवाही के दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

परिवार को सरकारी नौकरी और अधिक आर्थिक सहयोग की मांग

मृत खिलाड़ियों के परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को देखते हुए, हुड्डा ने सरकार से मांग की कि—

हार्दिक और अमन के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए

परिवार को अधिकतम आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाए

सांसद निधि का उपयोग न करने की उच्चस्तरीय जांच हो

उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनशीलता का यही वास्तविक इम्तिहान है।

खेल आधारभूत ढांचे पर सरकार को घेरा

दीपेन्द्र हुड्डा ने हरियाणा में खेल आधारभूत ढांचे की स्थिति पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि—

कांग्रेस शासन में हरियाणा में 481 खेल स्टेडियम बनाए गए

बीजेपी सरकार के 11 साल में एक भी नया स्टेडियम नहीं बना

मौजूदा स्टेडियमों का रखरखाव तक नहीं किया गया

"पदक लाओ, पद पाओ" जैसी योजनाओं को रोक दिया गया

उन्होंने कहा कि सरकार की नीति ही नहीं, नीयत भी खेल और खिलाड़ियों को लेकर कमजोर है।

केंद्र सरकार पर भी भेदभाव का आरोप

हुड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 3500 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय खेल बजट में से हरियाणा को केवल 80 करोड़ रुपये दिए, जो राष्ट्रीय स्तर पर सबसे कम है। जबकि हरियाणा 50% से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पदक जीतने वाला अग्रणी राज्य है।

उन्होंने कहा कि यह भेदभाव “हरियाणा के खिलाड़ियों के साथ अन्याय” है।

स्थानीय नेताओं ने भी जताया आक्रोश

इस मौके पर सांसद वरुण मुलाना, पूर्व मंत्री आनंद सिंह दांगी और विधायक इंदुराज नरवाल भी मौजूद रहे। सभी ने इस घटना को सरकार की प्रशासनिक विफलता की परिणति बताया।

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