रोहतक में बास्केटबॉल ट्रैजेडी: नेशनल प्लेयर की मौत के बाद जिला खेल अधिकारी सस्पेंड
- मेंटेनेंस में लापरवाही उजागर, खेल मंत्री ने हाई-लेवल मीटिंग बुलाई; जांच कमेटी गठित
रोहतक में बास्केटबॉल ट्रैजेडी: नेशनल प्लेयर की मौत के बाद जिला खेल अधिकारी सस्पेंड
- मेंटेनेंस में लापरवाही उजागर, खेल मंत्री ने हाई-लेवल मीटिंग बुलाई; जांच कमेटी गठित
टीएचटी न्यूज, रोहतक
हरियाणा के रोहतक जिले में लाखनमाजरा ब्लॉक स्थित बास्केटबॉल नर्सरी में प्रैक्टिस के दौरान 16 वर्षीय नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार सुबह हुए इस हादसे के बाद खेल विभाग और ग्राम पंचायत की लापरवाही खुलकर सामने आई है। घटना के 24 घंटे के भीतर ही जिला खेल अधिकारी अनूप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि नर्सरी को तत्काल प्रभाव से बंद कर जांच बैठा दी गई है। उधर, बहादुरगढ़ में ही बास्केटबाल का पोल गिरने से खिलाड़ी अमन की भी मौत हो गई थी।
750 किलो का पोल खिलाड़ी पर गिरा, मौके पर ही सांसें थम गईं
घटना 25 नवंबर की सुबह की है, जब हार्दिक रोज की तरह प्रैक्टिस के लिए लाखनमाजरा स्थित बास्केटबॉल स्टेडियम पहुंचा था। एक्सरसाइज के दौरान वह दौड़ते हुए पोल पर लटका, उसी क्षण करीब 750 किलो वजनी पोल जड़ से उखड़कर उसकी छाती पर गिर पड़ा। पास मौजूद खिलाड़ियों ने तुरंत पोल हटाया और हार्दिक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हार्दिक सिर्फ 16 साल का था और 10वीं कक्षा का छात्र था। पिता संदीप राठी FCI में नौकरी करते हैं और छोटा भाई 7वीं में पढ़ता है। परिवार और खेल जगत के लिए यह एक बड़ा सदमा है।
कई नेशनल मेडल जीत चुका था हार्दिक
हार्दिक हरियाणा का उभरता हुआ बास्केटबॉल सितारा था। उसने
कांगड़ा में आयोजित 47वीं सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर,
हैदराबाद में 49वीं सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज
और पुडुचेरी में हुई 39वीं यूथ नेशनल चैंपियनशिप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
उसकी प्रतिभा और प्रदर्शन को देखते हुए कोच और अधिकारियों का मानना था कि भविष्य में वह हरियाणा का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकता था।
मेंटेनेंस 4 साल से अटका, 11 लाख की ग्रांट भी पड़ी रही बेकार
घटना ने स्टेडियम की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है। स्टेडियम ग्राम पंचायत के अधीन है, पर चार साल से मेंटेनेंस रुका हुआ था। तत्कालीन राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने स्टेडियम सुधार के लिए 11 लाख रुपये दिए थे, लेकिन कार्यवाही आगे नहीं बढ़ी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पूरे जिले के 14 स्टेडियमों की मेंटेनेंस के लिए 2.1 करोड़ रुपये PWD को सौंपे गए, लेकिन टेंडर प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हुई। लापरवाही का खामियाजा अंततः एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
खेल मंत्री की हाई-लेवल मीटिंग, कमेटी गठित
घटना के बाद खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने तुरंत संज्ञान लेते हुए 28 नवंबर को पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है। इसमें सभी जिला खेल अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। साथ ही पोल की क्वालिटी, स्टेडियम मेंटेनेंस और सुरक्षा उपायों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसमें बास्केटबॉल कोच और राजीव गांधी स्टेडियम के इंचार्ज को भी शामिल किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हार्दिक राठी की हादसे में हुई मौत पर गहरा शोक प्रकट किया है। नेशनल खिलाड़ी की मौत को लेकर सरकार के सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया है। लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सरकार को इस हादसे के बाद घेरने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार के सिस्टम की खामी है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने इसे “सिस्टम द्वारा की गई हत्या” बताया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और विभाग जिम्मेदारी समझते, तो यह हादसा नहीं होता।
कुमारी सैलजा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि मेंटेनेंस में जरा सी भी लापरवाही है, तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
ओलंपिक संघ ने सभी खेल कार्यक्रम रद्द किए
हरियाणा ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष मीनू बेनीवाल ने इस घटना के बाद अगले तीन दिनों तक राज्य में सभी खेल कार्यक्रमों को स्थगित करने की घोषणा की है।
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