उद्योग और शिक्षा जगत के दिग्गजों ने कारोबार के नए नियमों पर किया मंथन

- आईआईएम रोहतक में मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन, 50 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा; एआई, नवाचार और भविष्य के रोजगार पर हुई चर्चा

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उद्योग और शिक्षा जगत के दिग्गजों ने कारोबार के नए नियमों पर किया मंथन

उद्योग और शिक्षा जगत के दिग्गजों ने कारोबार के नए नियमों पर किया मंथन

- आईआईएम रोहतक में मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन, 50 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा; एआई, नवाचार और भविष्य के रोजगार पर हुई चर्चा

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक में 24 अक्टूबर को मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन किया गया। ‘बिजनेस के नए नियम: निरंतर बदलाव के दौर में शिक्षा जगत और उद्योग के बीच तालमेल’ थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में 50 से अधिक उद्योग जगत के नेताओं, बिजनेस एग्जीक्यूटिव और शैक्षणिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन में बदलते कारोबारी माहौल, रणनीतिक चुनौतियों, नवाचार और भविष्य के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया गया।

इस आयोजन के माध्यम से पीजीपी (पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम) के 600 से अधिक विद्यार्थियों को उद्योग जगत के अनुभवी विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। सम्मेलन का उद्देश्य उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा विद्यार्थियों को रणनीतिक नेतृत्व, नवाचार, प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त और भविष्य के कारोबार की बदलती जरूरतों से परिचित कराना था।

बदलाव जरूरी, लेकिन उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए : प्रो. धीरज शर्मा

आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने सम्मेलन में शामिल वक्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में स्थिरता और परिस्थितियों के अनुरूप बदलाव करने की क्षमता के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि बदलाव का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए और यह समझना जरूरी है कि बदलाव कब और क्यों किया जाना चाहिए। केवल बदलाव करते रहना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने शासन व्यवस्था और संवैधानिक संशोधनों के उदाहरणों के माध्यम से भी अपनी बात रखी।

प्रो. शर्मा ने काम के प्रति बदलते नजरिए पर चर्चा करते हुए जवाबदेही, प्रतिबद्धता और न्यूनतम अपेक्षाओं से आगे बढ़कर काम करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उद्योग जगत के नेताओं के साथ संवाद के अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। साथ ही कहा कि पेशेवर सफलता के लिए प्रतिबद्धता, अनुशासन और ईमानदारी आज भी बुनियादी गुण हैं।

प्रमुख कंपनियों के सीईओ ने साझा किए अनुभव

सम्मेलन में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई), एचडीएफसी पेंशन फंड मैनेजमेंट लिमिटेड और कोकुयो कैमलिन के प्रबंध निदेशकों एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों ने विचार रखे।

वक्ताओं ने तेजी से बदलते कारोबारी माहौल में निरंतर बदलाव, ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप नवाचार और नेतृत्व की भूमिका पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अतीत की सफलताएं कई बार भविष्य में विकास की राह में बाधा बन सकती हैं।

विशेषज्ञों ने संगठनों में आत्मसंतुष्टि की प्रवृत्ति को चुनौती देने, बाजार की वास्तविकताओं के अनुरूप रणनीति बनाने और उद्देश्यपूर्ण तरीके से बदलाव अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

चार पैनल चर्चाओं में कारोबार और रोजगार के भविष्य पर मंथन

सम्मेलन में चार पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। इनमें जॉनसन एंड जॉनसन, 3एम, हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज, नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड, मर्क हेल्थकेयर, ओमैक्स लिमिटेड, सिनर्जी कंसल्टिंग इंक., निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस, मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और थॉमसन रॉयटर्स सहित कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

पहली पैनल चर्चा : उत्पाद-केंद्रित रणनीतियों से आगे बढ़कर आपस में जुड़े कारोबारी इकोसिस्टम विकसित करने पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने रणनीतिक साझेदारियों, ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप नवाचार और साझा मूल्य निर्माण को स्थायी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

दूसरी पैनल चर्चा : कारोबार की वृद्धि में वित्तीय प्रबंधन की बदलती भूमिका पर विचार किया गया। इसमें आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच जोखिमों का पहले से आकलन करने, वित्तीय मजबूती बनाए रखने और परिस्थितियों के अनुरूप योजनाओं में बदलाव करने की जरूरत पर जोर दिया गया।

तीसरी पैनल चर्चा : कामकाज के भविष्य और बदलती कार्यसंस्कृति पर केंद्रित रही। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को मानवीय क्षमताओं के साथ जोड़ने, लगातार नए कौशल सीखने और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने सहयोगात्मक नेतृत्व को भविष्य के लिए तैयार संगठनों की महत्वपूर्ण जरूरत बताया।

चौथी पैनल चर्चा : डिजिटल युग में करियर के उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें समस्या समाधान की क्षमता, जिज्ञासा, निरंतर सीखने और अनुकूलन क्षमता के महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही एआई को सहायक साधन के रूप में इस्तेमाल करने और मानवीय कौशल को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया गया।

चर्चाओं के निष्कर्षों पर तैयार होगा कॉन्सेप्ट पेपर

सम्मेलन ने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग बढ़ाने, प्रबंधन शिक्षा को मजबूत करने और भावी नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने के प्रति आईआईएम रोहतक की प्रतिबद्धता को दोहराया।

पैनल चर्चाओं से निकले निष्कर्षों के आधार पर एक कॉन्सेप्ट पेपर तैयार किया जाएगा। इसमें उद्योग जगत के पेशेवरों, नीति निर्माताओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए सुझाव और उनके संभावित प्रभाव शामिल होंगे। इसका उद्देश्य भविष्य में प्रबंधन शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए उपयोगी दिशा प्रदान करना है।

आईआईएम रोहतक में 1,600 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत

आईआईएम रोहतक में वर्तमान में 1,600 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। संस्थान को इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंपॉर्टेंस का दर्जा प्राप्त है और यह एएमबीए तथा बीजीए से मान्यता प्राप्त है। संस्थान के अनुसार, यह दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत प्रबंधन संस्थानों में शामिल है। आईआईएम रोहतक ने भारत के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में अपनी स्थिति बनाए रखी है और क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 151+ स्थान हासिल किया है। संस्थान विविध पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करता है। इसका उद्देश्य शिक्षा, शोध और नीतिगत सहभागिता के माध्यम से शैक्षणिक उत्कृष्टता, नेतृत्व विकास और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है।

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