हरियाणा IPS सुसाइड केस: पोस्टमॉर्टम पर विवाद, परिवार बोला- जबरन PGI ले जाई गई डेडबॉडी

चंडीगढ़ DGP पहुंचे IAS पत्नी से मिलने

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हरियाणा IPS सुसाइड केस: पोस्टमॉर्टम पर विवाद, परिवार बोला- जबरन PGI ले जाई गई डेडबॉडी

हरियाणा IPS सुसाइड केस: पोस्टमॉर्टम पर विवाद, परिवार बोला- जबरन PGI ले जाई गई डेडबॉडी;

- चंडीगढ़ DGP पहुंचे IAS पत्नी से मिलने

टीएचटी न्यूज, चंडीगढ़ |

11 अक्टूबर 2025

हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड मामले में शनिवार को नया विवाद खड़ा हो गया है। परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी मर्जी के खिलाफ डेडबॉडी को सेक्टर-16 के गवर्नमेंट अस्पताल से जबरन चंडीगढ़ के PGI में पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया।

पूरन कुमार की पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार के भाई और AAP विधायक अमित रतन ने आरोप लगाया कि “हमारी सहमति के बिना जबरदस्ती पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। एक DGP रैंक का अधिकारी गया, लेकिन पांच दिन बीतने के बावजूद हमें न्याय नहीं मिला।” परिवार के विरोध के बाद चंडीगढ़ DGP सागर प्रीत हुड्डा, IG पुष्पेंद्र कुमार और SSP कंवरदीप कौर अमनीत पी. कुमार से बातचीत करने के लिए सेक्टर-24 स्थित उनके सरकारी आवास पर पहुंचे।

पहले बनी थी सहमति, अब उठा विवाद

सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार देर रात हरियाणा की होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा और IAS अमनीत पी. कुमार के बीच लगभग एक घंटे की बैठक हुई थी, जिसमें पोस्टमॉर्टम पर सहमति बनने की बात सामने आई थी। हालांकि शनिवार सुबह परिवार ने आरोप लगाया कि यह सहमति दबाव में दी गई थी। पूरन कुमार की डेडबॉडी सुबह सेक्टर-16 अस्पताल से एम्बुलेंस के जरिए PGI चंडीगढ़ लाई गई, जहां मेडिकल बोर्ड पोस्टमॉर्टम करेगा।

15 अफसरों पर केस, SIT जांच में जुटी

इस मामले में गुरुवार रात चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में हरियाणा के DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया, चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी समेत 15 अफसरों पर भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 3(5) और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत FIR दर्ज की गई है। यह हरियाणा के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार है जब इतने वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ एक साथ केस दर्ज हुआ है।

मामले की जांच IG पुष्पेंद्र कुमार की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय SIT को सौंपी गई है।

परिवार की मांग: आरोपियों को हटाया जाए, FIR में नाम दर्ज हों

IAS अमनीत पी. कुमार ने FIR में अधिकारियों के नाम स्पष्ट रूप से कॉलम में दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि DGP और SP को तत्काल हटाकर गिरफ्तार किया जाए।

सूत्रों के मुताबिक FIR के प्रारूप को लेकर उनकी SSP कंवरदीप कौर से बहस भी हुई थी।

सरकारी मीटिंग और संभावित कार्रवाई

शुक्रवार रात मुख्यमंत्री नायब सैनी के आवास पर स्थिति की समीक्षा को लेकर बैठक हुई। इसमें कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा और IAS राज शेखर वुंडरू मौजूद रहे।

सूत्रों के अनुसार, सरकार DGP शत्रुजीत कपूर और SP नरेंद्र बिजारणिया पर कार्रवाई के लिए तैयार है। चर्चा यह भी है कि पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों अफसरों को हटाया जा सकता है। संभावित उत्तराधिकारियों की दौड़ में IAS अधिकारी ओपी सिंह, आलोक मित्तल और अरशिंद्र सिंह चावला के नाम चल रहे हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल

पूरन कुमार की मौत के बाद हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी और राजनीति दोनों में हलचल मची हुई है।

शनिवार सुबह कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, वरुण मुलाना, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान और विधायक गीता भुक्कल परिवार से मिलने पहुंचे।

पूर्व मंत्री अशोक तंवर और निर्मल सिंह ने भी श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी जल्द चंडीगढ़ आ सकते हैं। वहीं सोनिया गांधी ने IAS अमनीत पी. कुमार को संवेदना पत्र भेजा है।

NCSC चेयरमैन ने दिया आश्वासन

शुक्रवार शाम राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के चेयरमैन अशोक मकवाना परिवार से मिले। उन्होंने करीब डेढ़ घंटे बातचीत के बाद कहा कि “पूरन कुमार को न्याय दिलाने के लिए आयोग हर स्तर पर प्रयास करेगा।”

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