रोहतक में खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत पर बोले पंजाब CM—“यह लापरवाही नहीं, अपराध है”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, कहा—खिलाड़ी की मौत सरकार की नाकामी का परिणाम

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रोहतक में खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत पर बोले पंजाब CM—“यह लापरवाही नहीं, अपराध है”

रोहतक में खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत पर बोले पंजाब CM—“यह लापरवाही नहीं, अपराध है”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, कहा—खिलाड़ी की मौत सरकार की नाकामी का परिणाम

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

हरियाणा के लाखनमाजरा में राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत के मामले ने प्रदेश की खेल नीति और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान मंगलवार को हार्दिक के गांव पहुंचे और परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। मान के साथ AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा और हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री मान ने घर पहुंचकर हार्दिक को श्रद्धांजलि दी और परिवार को भरोसा दिया कि उनकी आवाज पूरे देश में उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि खेल विभाग और सरकार की असफलता का परिणाम है।

“यह कैसी खेल नीति, जिसमें खिलाड़ी की जान चली जाए?”—मान का सरकार पर हमला

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा सरकार पर तीखा वार करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा—

“हरियाणा में पोल गिरने से खिलाड़ी की मौत… ये कैसी खेल नीति है? ऐसे हादसे लापरवाही नहीं, अपराध की श्रेणी में आते हैं।”

मान ने कहा कि हार्दिक राठी की मौत कोई पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले बहादुरगढ़ में भी इसी तरह एक बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बार-बार एक जैसी घटनाएं होना सिस्टम की नाकामी और खेल मैदानों की दयनीय स्थिति को दर्शाता है।

खेल मैदानों की हालत पर सवाल

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि हरियाणा पूरे देश में खेल प्रतिभाओं की खान माना जाता है, लेकिन सरकार और खेल विभाग की उदासीनता की वजह से खिलाड़ियों को सुरक्षित खेलने तक की सुविधा नहीं मिल पा रही।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं तब होती हैं जब—

स्टेडियमों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जाता

पुराने व जर्जर पोल, नेट और उपकरण बदले नहीं जाते

प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा ऑडिट नहीं होता

अधिकारियों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता

मान ने कहा कि अगर खिलाड़ी प्रैक्टिस के दौरान खुद ही सुरक्षित नहीं रह पाएंगे तो खेलों में मेडल लाने की बात करना भी बेमानी हो जाती है।

परिवार को न्याय और खिलाड़ियों के लिए सुरक्षा की मांग

मुख्यमंत्री मान ने मांग की कि—

हार्दिक राठी की मौत की उच्च स्तरीय जांच हो

जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए

परिवार को उचित आर्थिक सहायता और सरकारी मदद मिले

राज्य में सभी स्टेडियमों का सुरक्षा ऑडिट तुरंत कराया जाए

मान ने कहा कि हार्दिक जैसे खिलाड़ी देश की धरोहर होते हैं। खिलाड़ियों की जान बचाने के लिए सरकार को सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाने होंगे।

हार्दिक राठी की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है और अब राजनीतिक दल भी इस मामले पर खुलकर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

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