हार्दिक और अमन की मौत को संसद में ‘काम रोको प्रस्ताव’ से उठाएंगे मुद्दा : दीपेंद्र  हुड्डा

- सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर बोला हमला, लापरवाही से गई नेशनल खिलाड़ियों की जान

 28
हार्दिक और अमन की मौत को संसद में ‘काम रोको प्रस्ताव’ से उठाएंगे मुद्दा : दीपेंद्र  हुड्डा

हार्दिक और अमन की मौत को संसद में ‘काम रोको प्रस्ताव’ से उठाएंगे मुद्दा : दीपेंद्र  हुड्डा

- सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर बोला हमला, लापरवाही से गई नेशनल खिलाड़ियों की जान

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

रोहतक में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हार्दिक और अमन की दर्दनाक मौत के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद के शीतकालीन सत्र में ‘काम रोको प्रस्ताव’ लाकर जोरदार ढंग से उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों की मौत के लिए हरियाणा की बीजेपी सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है, क्योंकि 11 वर्षों में न नए स्टेडियम बने और न ही मौजूदा स्टेडियमों की मरम्मत की गई।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि लाखनमाजरा स्टेडियम में अभ्यास करते हुए मौत का शिकार हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ी हार्दिक और उसके साथी अमन की मौत सरकार की घोर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा स्टेडियम की मरम्मत के लिए सांसद निधि से दिए गए ₹18.5 लाख रुपये तीन साल तक अधर में लटके रहे, जबकि बास्केटबॉल पोल जंग खाकर कमजोर हो चुका था। “सरकार की यह उपेक्षा न केवल लापरवाही बल्कि विशेषाधिकार हनन का भी मामला है,” उन्होंने कहा।

सांसद ने मांग रखी कि दोनों खिलाड़ियों के परिवार को न्याय, सरकारी नौकरी और कम से कम ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्टेडियम की मरम्मत के लिए दी गई सांसद निधि का उपयोग न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। साथ ही, लाखनमाजरा में राष्ट्रीय खिलाड़ी हार्दिक के नाम से इंडोर स्टेडियम की स्थापना की जानी चाहिए।

खेल बजट को लेकर दीपेन्द्र हुड्डा ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं का प्रदेश हरियाणा, जिसे खेलों की खान कहा जाता है, उसे भारत सरकार के ₹3500 करोड़ के खेल बजट में से मात्र ₹80 करोड़ मिले, जबकि गुजरात को ₹680 करोड़ की राशि दी गई। “यह हरियाणा के खिलाड़ियों और उनके मेडल्स का अपमान है,” उन्होंने कहा।

कांग्रेस शासन काल के दौरान बनाए गए खेल ढांचे का उल्लेख करते हुए दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 481 स्टेडियम बनाए, जिनमें से 120 स्टेडियम सिर्फ रोहतक लोकसभा क्षेत्र में बने। “इन स्टेडियमों के रखरखाव पर भाजपा सरकार ने एक रुपये का बजट भी जारी नहीं किया,” उन्होंने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक द्वेष के चलते उनकी सांसद निधि से किए गए कई विकास कार्य रोके जा रहे हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई कि हरियाणा को आयोजक राज्यों में शामिल नहीं किया गया। “हरियाणा में खेल ढांचे में निवेश होता तो भारत को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और अधिक मेडल मिलते,” उन्होंने कहा।

खेल नीति पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस की ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति और SPAT (Sports and Physical Aptitude Test) जैसी योजनाएं खत्म कर दीं, जिनसे हजारों युवा खिलाड़ियों को लाभ मिलता था। उन्होंने कहा कि SC समुदाय की बेटियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी बंद कर दी गई। कैश अवॉर्ड, प्रमोशन और ग्रामीण खेल कार्यक्रमों तक को खत्म कर दिया गया, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल टूट रहा है।

अंत में दीपेन्द्र हुड्डा ने स्पष्ट किया कि जब तक दोनों खिलाड़ियों के परिवार को न्याय नहीं मिलेगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वह इस मुद्दे को पिछले दरवाज़े से दबने नहीं देंगे।

--------------

ओपी