श्रीमद्भागवद् गीता विश्व में ला सकती है शांति, सद्भाव और समृद्धि: राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा
हरियाणा की पावन धरती पर गीता का जन्म हमारे लिए गर्व का विषय
श्रीमद्भागवद् गीता विश्व में ला सकती है शांति, सद्भाव और समृद्धि: राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा
— हरियाणा की पावन धरती पर गीता का जन्म हमारे लिए गर्व का विषय
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दूसरे दिन पंडित श्रीराम रंगशाला में आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि श्रीमद्भागवद् गीता ही विश्व को स्थायी शांति, सद्भाव और समृद्धि की राह दिखा सकती है। उन्होंने कहा कि पांडवों और कौरवों के धर्मयुद्ध का संदेश मनुष्य के भीतर मौजूद अच्छी और बुरी प्रवृत्तियों के संघर्ष का प्रतीक है। जांगड़ा ने कहा कि गीता का संदेश केवल धर्मग्रंथ नहीं, बल्कि मानवता के लिए व्यवहारिक ज्ञान है, जिसे आत्मसात कर पृथ्वी पर स्वर्ग जैसा वातावरण स्थापित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में सांसद ने सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग तथा सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल और प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि महाभारत के प्रत्येक चरित्र से जीवन के गहरे संदेश मिलते हैं और मोह में अंधे न होकर आत्मा की आवाज पर निर्णय लेना ही सच्चा धर्म है।
गीता के अमर संदेश पर विचार
सेमिनार में डॉ. सुमित मलिक, अभिषेक गोपीदास, ब्रह्माकुमारी बहन सीमा सहित अन्य वक्ताओं ने गीता को जीवन की कला बताते हुए कहा कि इसमें मानव जीवन की हर समस्या का समाधान निहित है। वक्ताओं ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सार्वभौमिक ज्ञान का स्रोत है।
सभी नागरिक श्रीकृष्ण के बताए धर्म और सत्य के मार्ग पर चलें : पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर
संत-महापुरुषों की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता। नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प में योगदान दें। स्वदेशी अपनाने का आह्वान—गांधी और मोदी की सोच को जोड़कर प्रस्तुत किया। जिला प्रशासन ने पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर का शॉल, स्मृतिचिह्न और गीता देकर सम्मान किया। गीता परिवार, सामाजिक संस्थाएँ, अधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में विद्यार्थी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
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