हरियाणा में लालू यादव के MLA दामाद का ऐलान:बोले-कांग्रेस सरकार बनी तो मैं डिप्टी CM बनूंगा, टिकट मिले बगैर नामांकन का दिन तय किया

हरियाणा में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। रेवाड़ी से विधायक व बिहार के पूर्व CM लालू यादव के दामाद चिरंजीव राव ने डिप्टी CM के लिए दावा ठोका है। इसके साथ उन्होंने टिकट फाइनल न होने से पहले ही नामांकन की तारीख भी तय कर दी। इसका ऐलान उन्होंने पिता कैप्टन अजय सिंह यादव के साथ रविवार को किया। उन्होंने रेवाड़ी स्थित कोठी पर चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस दौरान विधायक चिरंजीव राव ने अपने 5 साल का रिपोर्ट कार्ड भी कार्यकर्ताओं के बीच रखा। इसके बाद 9 तारीख को नामांकन दाखिल करने के पीछे कैप्टन ने खुद से जुड़े कुछ किस्से भी सुनाए। कैप्टन यादव ने कहा कि 9 सितंबर पर्चा दाखिल करने की तारीख इसलिए रखी गई है, क्योंकि मेरी खुद की गाड़ी का नंबर 9 है और विधायक बेटे चिरंजीव की गाड़ी का नंबर भी 9 है। 9 शुभ व साहस का प्रतीक है। इसलिए 9 तारीख को पर्चा दाखिल किया जाएगा। चिरंजीव राव ने खुद को डिप्टी सीएम घोषित किया कार्यकर्ता मीटिंग के दौरान चिरंजीव राव ने कहा कि अगर रेवाड़ी की जनता उन्हें इस बार विधायक चुनती है तो वह सरकार बनने पर डिप्टी सीएम के दावेदार होंगे। मीडिया कर्मियों ने जब इसको लेकर चिरंजीव राव से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि महत्वकांक्षा सभी की होती है और महत्वकांक्षा रखना गलत भी नहीं है। ऐसे ही मेरी भी है। क्योंकि 2019 के चुनाव में बीजेपी की लहर के बावजूद रेवाड़ी की जनता ने उन्हें जिताया था। उस बार बीजेपी का 75 पार का नारा चल रहा था, लेकिन इस बार जनता खुद कांग्रेस के पक्ष में 75 पार का नारा दे रही है। दक्षिणी हरियाणा में चौधर का फैसला विधायक करेंगे इस दौरान कैप्टन अजय यादव ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए दक्षिणी हरियाणा में चौधर लाने के सवाल का भी जवाब दिया। कैप्टन बोले- इस बार चौधर लाने का फैसला जीतने वाले विधायक करेंगे। इस बार मेरे हाथ में कुछ नहीं है। हाईकमान तय करेगा। कैप्टन ने भाजपा को हर मोर्चे पर फेल बताया। उन्होंने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद रेवाड़ी के लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस गए। रेवाड़ी से कांग्रेस के कई दावेदार रेवाड़ी विधानसभा सीट से कैप्टन अजय यादव 6 बार MLA बने। हालांकि 2014 में वह चुनाव हार गए। इसके बाद 2019 के चुनाव में कांग्रेस ने कैप्टन के बेटे चिरंजीव राव को उतारा और उन्होंने अपने पहले ही चुनाव में जीत दर्ज की, लेकिन इस बार पिता-पुत्र के सामने कई चुनौतियां है। कांग्रेस की टिकट के दावेदारों की संख्या भी बढ़ गई है। चिरंजीव राव के अलावा उनके रिश्तेदार मनोज यादव, महाबीर मसानी, मंजीत जैलदार सहित कई अन्य नेता टिकट मांग रहे हैं। चिरंजीव की दावेदारी की 2 वजह चिरंजीव राव की रेवाड़ी सीट पर दावेदारी की दो अहम वजह हैं। पहली उनके पिता कैप्टन अजय सिंह यादव इस सीट से 1989 से लेकर 2014 तक लगातार 6 बार विधायक चुने गए। पूर्व सीएम भजनलाल और भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा के दोनों कार्यकाल में अहम मंत्रालय संभाले। जिसकी वजह से इलाके में उनकी खुद की पकड़ है। वहीं दूसरी वजह चिरंजीव राव का 2019 में पहली बार चुनावी मैदान में उतरना और फिर पहले ही चुनाव में जीत दर्ज करना भी है। क्योंकि 2019 में खासकर अहीरवाल में कांग्रेस के लिए हालात बिल्कुल विपरीत थे। अहीरवाल की 11 सीटों में महेंद्रगढ़ से राव दान सिंह और रेवाड़ी से चिरंजीव राव ही सीट बचाने में कामयाब रहे थे। कैप्टन को नहीं मिल पाई थी गुरुग्राम से टिकट इस बार पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव गुरुग्राम लोकसभा सीट से कांग्रेस की टिकट के प्रबल दावेदार थे। 2019 के चुनाव में भी कैप्टन ने खुद गुरुग्राम से लोकसभा चुनाव लड़ा और बेटे चिरंजीव को रेवाड़ी से विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारा था। कैप्टन अजय यादव भाजपा के राव इंद्रजीत सिंह से चुनाव हार गए थे, लेकिन इस बार हालात कुछ अलग थे। कैप्टन ने टिकट को लेकर मजबूती से दावेदारी भी ठोकी, लेकिन चुनाव से पहले पार्टी ने उनकी टिकट काटकर फिल्म अभिनेता राज बब्बर को चुनावी मैदान में उतारा था। राज बब्बर के चुनाव लड़ने से भाजपा के लिए आसान दिख रही इस सीट पर कड़ा मुकाबला हुआ। राव इंद्रजीत सिंह करीब 70 हजार वोटों से जीत पाए।

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हरियाणा में लालू यादव के MLA दामाद का ऐलान:बोले-कांग्रेस सरकार बनी तो मैं डिप्टी CM बनूंगा, टिकट मिले बगैर नामांकन का दिन तय किया
हरियाणा में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। रेवाड़ी से विधायक व बिहार के पूर्व CM लालू यादव के दामाद चिरंजीव राव ने डिप्टी CM के लिए दावा ठोका है। इसके साथ उन्होंने टिकट फाइनल न होने से पहले ही नामांकन की तारीख भी तय कर दी। इसका ऐलान उन्होंने पिता कैप्टन अजय सिंह यादव के साथ रविवार को किया। उन्होंने रेवाड़ी स्थित कोठी पर चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस दौरान विधायक चिरंजीव राव ने अपने 5 साल का रिपोर्ट कार्ड भी कार्यकर्ताओं के बीच रखा। इसके बाद 9 तारीख को नामांकन दाखिल करने के पीछे कैप्टन ने खुद से जुड़े कुछ किस्से भी सुनाए। कैप्टन यादव ने कहा कि 9 सितंबर पर्चा दाखिल करने की तारीख इसलिए रखी गई है, क्योंकि मेरी खुद की गाड़ी का नंबर 9 है और विधायक बेटे चिरंजीव की गाड़ी का नंबर भी 9 है। 9 शुभ व साहस का प्रतीक है। इसलिए 9 तारीख को पर्चा दाखिल किया जाएगा। चिरंजीव राव ने खुद को डिप्टी सीएम घोषित किया कार्यकर्ता मीटिंग के दौरान चिरंजीव राव ने कहा कि अगर रेवाड़ी की जनता उन्हें इस बार विधायक चुनती है तो वह सरकार बनने पर डिप्टी सीएम के दावेदार होंगे। मीडिया कर्मियों ने जब इसको लेकर चिरंजीव राव से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि महत्वकांक्षा सभी की होती है और महत्वकांक्षा रखना गलत भी नहीं है। ऐसे ही मेरी भी है। क्योंकि 2019 के चुनाव में बीजेपी की लहर के बावजूद रेवाड़ी की जनता ने उन्हें जिताया था। उस बार बीजेपी का 75 पार का नारा चल रहा था, लेकिन इस बार जनता खुद कांग्रेस के पक्ष में 75 पार का नारा दे रही है। दक्षिणी हरियाणा में चौधर का फैसला विधायक करेंगे इस दौरान कैप्टन अजय यादव ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए दक्षिणी हरियाणा में चौधर लाने के सवाल का भी जवाब दिया। कैप्टन बोले- इस बार चौधर लाने का फैसला जीतने वाले विधायक करेंगे। इस बार मेरे हाथ में कुछ नहीं है। हाईकमान तय करेगा। कैप्टन ने भाजपा को हर मोर्चे पर फेल बताया। उन्होंने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद रेवाड़ी के लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस गए। रेवाड़ी से कांग्रेस के कई दावेदार रेवाड़ी विधानसभा सीट से कैप्टन अजय यादव 6 बार MLA बने। हालांकि 2014 में वह चुनाव हार गए। इसके बाद 2019 के चुनाव में कांग्रेस ने कैप्टन के बेटे चिरंजीव राव को उतारा और उन्होंने अपने पहले ही चुनाव में जीत दर्ज की, लेकिन इस बार पिता-पुत्र के सामने कई चुनौतियां है। कांग्रेस की टिकट के दावेदारों की संख्या भी बढ़ गई है। चिरंजीव राव के अलावा उनके रिश्तेदार मनोज यादव, महाबीर मसानी, मंजीत जैलदार सहित कई अन्य नेता टिकट मांग रहे हैं। चिरंजीव की दावेदारी की 2 वजह चिरंजीव राव की रेवाड़ी सीट पर दावेदारी की दो अहम वजह हैं। पहली उनके पिता कैप्टन अजय सिंह यादव इस सीट से 1989 से लेकर 2014 तक लगातार 6 बार विधायक चुने गए। पूर्व सीएम भजनलाल और भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा के दोनों कार्यकाल में अहम मंत्रालय संभाले। जिसकी वजह से इलाके में उनकी खुद की पकड़ है। वहीं दूसरी वजह चिरंजीव राव का 2019 में पहली बार चुनावी मैदान में उतरना और फिर पहले ही चुनाव में जीत दर्ज करना भी है। क्योंकि 2019 में खासकर अहीरवाल में कांग्रेस के लिए हालात बिल्कुल विपरीत थे। अहीरवाल की 11 सीटों में महेंद्रगढ़ से राव दान सिंह और रेवाड़ी से चिरंजीव राव ही सीट बचाने में कामयाब रहे थे। कैप्टन को नहीं मिल पाई थी गुरुग्राम से टिकट इस बार पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव गुरुग्राम लोकसभा सीट से कांग्रेस की टिकट के प्रबल दावेदार थे। 2019 के चुनाव में भी कैप्टन ने खुद गुरुग्राम से लोकसभा चुनाव लड़ा और बेटे चिरंजीव को रेवाड़ी से विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारा था। कैप्टन अजय यादव भाजपा के राव इंद्रजीत सिंह से चुनाव हार गए थे, लेकिन इस बार हालात कुछ अलग थे। कैप्टन ने टिकट को लेकर मजबूती से दावेदारी भी ठोकी, लेकिन चुनाव से पहले पार्टी ने उनकी टिकट काटकर फिल्म अभिनेता राज बब्बर को चुनावी मैदान में उतारा था। राज बब्बर के चुनाव लड़ने से भाजपा के लिए आसान दिख रही इस सीट पर कड़ा मुकाबला हुआ। राव इंद्रजीत सिंह करीब 70 हजार वोटों से जीत पाए।