एमडीयू शिक्षकों ने बाहरी मंचों पर की गई शिकायत पर जताई कड़ी आपत्ति

कहा—ग्रिवांस तंत्र को दरकिनार कर शिकायत भेजना विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने का प्रयास

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एमडीयू शिक्षकों ने बाहरी मंचों पर की गई शिकायत पर जताई कड़ी आपत्ति

एमडीयू शिक्षकों ने बाहरी मंचों पर की गई शिकायत पर जताई कड़ी आपत्ति

- कहा—ग्रिवांस तंत्र को दरकिनार कर शिकायत भेजना विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने का प्रयास

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के शिक्षकों ने 17 दिसंबर 2025 को एक विभागाध्यक्ष द्वारा ई-मेल के माध्यम से विभिन्न बाहरी संस्थाओं एवं मीडिया को भेजी गई शिकायत को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय सचिवालय में कुलपति एवं रजिस्ट्रार से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनकी समझ के अनुसार यह मामला किसी शिक्षक के उत्पीड़न या शोषण से संबंधित नहीं है, बल्कि शोधार्थियों से जुड़े शैक्षणिक एवं विभागीय प्रशासनिक मुद्दों का है, जिनका समाधान विश्वविद्यालय की स्थापित आंतरिक व्यवस्था के तहत विभाग स्तर पर ही किया जाना चाहिए था। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि विभागाध्यक्ष होने के नाते संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी थी कि वे इन विषयों का समयबद्ध और जिम्मेदार ढंग से निस्तारण करते।

शिक्षकों ने यह भी चिंता व्यक्त की कि उसी विभाग की एक महिला शिक्षक को कथित रूप से बार-बार अनावश्यक मानसिक दबाव और विवादों का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिकायत निवारण तंत्र का सहारा लेने के बजाय संबंधित विभागाध्यक्ष ने मामले को बाहरी मंचों पर ले जाकर विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर व्यापक और निराधार आरोप लगाए, जिससे संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचा है।

शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रकार की कार्यशैली की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इससे न केवल शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ है, बल्कि विभाग में अस्वस्थ माहौल भी उत्पन्न हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के एक वरिष्ठ प्राध्यापक के साथ कथित गठजोड़ कर कुछ संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया गया। इसे विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाने और अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों में हुई कथित चूक से बचने का प्रयास बताया गया। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग भी की।

शिक्षकों ने कुछ माह पूर्व विभाग की एक महिला शिक्षक द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के बाद उनके साथ हुए कथित अपमान की भी निंदा की और कहा कि ऐसी घटनाएं कार्यस्थल की गरिमा एवं मर्यादा के विपरीत हैं। उन्होंने अपील की कि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने का माध्यम न बनने दिया जाए।

इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय एक सुरक्षित, गरिमामय और सम्मानजनक कार्यस्थल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकृति के सभी मामलों की जांच विश्वविद्यालय के अधिनियमों, नियमों और कानून के अनुरूप उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर की जाएगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी दोहराया कि संबंधित विभागाध्यक्ष को प्रशासनिक पत्राचार के माध्यम से पहले ही अवगत करा दिया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप तथ्यहीन एवं असंगत हैं तथा इस प्रकार की भाषा और आचरण एक जिम्मेदार शिक्षक से अपेक्षित मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित शिकायत निवारण समितियों एवं प्रक्रियाओं की उपेक्षा को भी गंभीर विषय बताया गया।

एमडीयू प्रशासन ने मीडिया से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले में संतुलित, तथ्यपरक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग की जाए तथा अप्रमाणित या एकतरफा आरोपों के प्रकाशन से परहेज किया जाए, ताकि व्यक्तियों और संस्था—दोनों की प्रतिष्ठा को अनावश्यक क्षति न पहुंचे।

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