एमडीयू में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध प्रोत्साहन और छात्र कल्याण पर फोकस

एमडीयू की 204वीं एकेडमिक काउंसिल बैठक में ऐतिहासिक निर्णय

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एमडीयू में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध प्रोत्साहन और छात्र कल्याण पर फोकस

एमडीयू की 204वीं एकेडमिक काउंसिल बैठक में ऐतिहासिक निर्णय

- शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध प्रोत्साहन और छात्र कल्याण पर फोकस

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक ने अपनी 204वीं एकेडमिक काउंसिल (शैक्षणिक परिषद) बैठक में कई ऐसे ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जो न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक दिशा को नए आयाम देंगे, बल्कि शोध और छात्र कल्याण के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने आज पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि इन फैसलों से विश्वविद्यालय एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ेगा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना को मजबूत करेगा। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस.सी. मलिक और रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण कांत समेत विवि के अधिकारीगण मौजूद रहे।

कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि 204वीं एकेडमिक काउंसिल बैठक के ये निर्णय एमडीयू की उस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं जिसके तहत विश्वविद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, शोध को नई ऊँचाइयों पर ले जाने और छात्रों व शिक्षकों के लिए प्रगतिशील शैक्षणिक वातावरण बनाने में निरंतर प्रयासरत है।

पीएचडी शोधार्थियों का पंजीकरण

बैठक में 195 पीएचडी शोधार्थियों के पंजीकरण को मंजूरी दी गई। विभिन्न विभागों में ये शोधार्थी विविध विषयों पर काम करेंगे। इससे विश्वविद्यालय के शोध कार्यों में नई ऊर्जा आएगी और शैक्षणिक योगदान को मजबूती मिलेगी।

एनईपी-2020 का क्रियान्वयन

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को कई संकायों और कार्यक्रमों में लागू करने का निर्णय लिया गया। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की नई परीक्षा योजनाओं को मंजूरी दी गई। साथ ही इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी संकाय तथा दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रमों में भी नई प्रणाली लागू होगी।

छह अहम एमओयू

बैठक में शैक्षणिक सहयोग और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए छह समझौता ज्ञापनों पर सहमति बनी। इनमें रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ नवाचार और उद्यमिता, सीएसआर बॉक्स फाउंडेशन के साथ रोजगारोन्मुख कौशल, नास्कॉम/आईटी-आईटीईएस सेक्टर स्किल्स काउंसिल के साथ उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण, क्लासिक गोल्फ एंड कंट्री क्लब के साथ होटल-पर्यटन प्रबंधन, और भारत सरकार के अप्रेंटिसशिप एवं ट्रेनिंग बोर्ड के साथ सहयोग शामिल हैं।

एमडीयूआर इंटर्नशिप विनियम 2025

स्नातक छात्रों के लिए इंटर्नशिप को संरचित करने हेतु एमडीयूआर इंटर्नशिप विनियम 2025 को मंजूरी दी गई। यह विनियम यूजीसी ढांचे पर आधारित होगा और छात्रों को अनुसंधान आधारित प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र की स्थापना

बैठक में भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) केंद्र की स्थापना पर सहमति दी गई। इस केंद्र का उद्देश्य विभिन्न विषयों में आईकेएस से जुड़े पाठ्यक्रमों का विकास और निगरानी करना होगा। समिति की बैठकें पहले ही 26 जून और 2 जुलाई को आयोजित की जा चुकी हैं।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

* रिसर्च चेयर के शैक्षणिक और शोध कार्यों को और सुदृढ़ करने का निर्णय।

* हरियाणा सरकार की केजी टू पीजी योजना के तहत कैंपस स्कूल के छात्रों के लिए विश्वविद्यालय के स्नातक कार्यक्रमों में 2 अतिरिक्त सीटें।

* विश्वविद्यालय अनुसंधान छात्रवृत्ति (यूआरएस) के दिशानिर्देशों की समीक्षा कर नए नियम लागू।

* "गणितीय और कम्प्यूटेशनल विज्ञान संकाय" की स्थापना।

* पाठ्यक्रम एवं डिजाइन विकास केंद्र की सिफारिश पर रचनात्मक मूल्यांकन प्रणाली को मंजूरी।

* कॉलेज शिक्षकों के पदोन्नति मामलों पर साल में दो बार विचार करने का निर्णय।

* 2024-25 से लागू होने वाले पीएचडी अध्यादेश को स्वीकृति।

* डी.लिट, डी.एससी, पोस्ट डॉक्टोरल फेलो, शिक्षक फेलो और शिक्षण सहयोगियों की सैद्धांतिक मंजूरी।

बैठक में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस.सी. मलिक, रजिस्ट्रार डॉ. कृष्ण कांत, प्रो. ए.के. राजन, प्रो. गुलशन तनेजा, प्रो. विनीता हुड्डा, प्रो. रणदीप राणा, प्रो. राहुल ऋषि, प्रो. राजीव कुमार, प्रो आशीष दहिया, प्रो. जितेंद्र ढुल, प्रो. सोनिया, प्रो. एस.के. तिवारी और डॉ. के.के. शर्मा उपस्थित रहे।

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