आईआईएम रोहतक को खेल प्रबंधन में बना देश का सर्वश्रेष्ठ सरकारी प्रबंधन संस्थान
नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल स्पोर्ट्स एजुकेशन कन्वेंशन 2026 के दौरान आईआईएम रोहतक को “सर्वश्रेष्ठ सरकारी प्रबंधन संस्थान (खेल प्रबंधन)” का प्रतिष्ठित पुरस्कार, खेल शिक्षा में अग्रणी भूमिका को मिली राष्ट्रीय मान्यता
आईआईएम रोहतक को खेल प्रबंधन में राष्ट्रीय सम्मान, बना देश का सर्वश्रेष्ठ सरकारी प्रबंधन संस्थान
- नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल स्पोर्ट्स एजुकेशन कन्वेंशन 2026 के दौरान आईआईएम रोहतक को “सर्वश्रेष्ठ सरकारी प्रबंधन संस्थान (खेल प्रबंधन)” का प्रतिष्ठित पुरस्कार, खेल शिक्षा में अग्रणी भूमिका को मिली राष्ट्रीय मान्यता
टीएचटी न्यूज, रोहतक/नई दिल्ली
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक ने खेल प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करते हुए “सर्वश्रेष्ठ सरकारी प्रबंधन संस्थान (खेल प्रबंधन)” का सम्मान अपने नाम किया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान राष्ट्रीय खेल एवं शारीरिक शिक्षा रैंकिंग पुरस्कार 2026 के तहत ग्लोबल स्पोर्ट्स एजुकेशन कन्वेंशन (G-SEC) 2026 में प्रदान किया गया। पुरस्कार की घोषणा 15 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित भव्य समारोह में की गई, जिसे भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का समर्थन प्राप्त था।
यह राष्ट्रीय सम्मान आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा को एक विशिष्ट मंच पर प्रदान किया गया। पुरस्कार समारोह में दिल्ली उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति अनिश दयाल, भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र ध्रुव बत्रा, पूर्व खेल सचिव (सेवानिवृत्त आईएएस) अजीत कुमार शरण तथा कन्फेडरेशन ऑफ स्पोर्ट्स एंड रिक्रिएशन इंडस्ट्री (CSRI) के महानिदेशक राजपाल सिंह जैसे देश के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
यह पुरस्कार एक कठोर, पारदर्शी और बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद दिया गया। CSRI द्वारा स्पोर्ट्स असेसमेंट एंड ऑडिट बोर्ड (SAAB) के सहयोग से देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों और संस्थानों की राष्ट्रीय खेल रैंकिंग की गई। इसके साथ ही खेल प्रबंधन पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संस्थानों के लिए एक अलग और विशेष मूल्यांकन ढांचा तैयार किया गया, जिसके अंतर्गत आईआईएम रोहतक को यह सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ।
पुरस्कार स्वीकार करते हुए प्रो. धीरज शर्मा ने कहा कि खेलों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिभा पहचान और विकास की मजबूत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर स्काउटिंग तंत्र के निर्माण और स्काउट्स के लिए लाइसेंसिंग ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बड़े खेल संगठनों को अपनी आय का पुनर्निवेश खिलाड़ियों के दीर्घकालिक विकास और समग्र खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में करना चाहिए।
आईआईएम रोहतक का एक्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट देश में खेल और प्रबंधन शिक्षा के समन्वय का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है, जिसकी सराहना स्वयं माननीय प्रधानमंत्री भी कर चुके हैं। यह राष्ट्रीय मान्यता खेल प्रबंधन शिक्षा, अनुसंधान और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में आईआईएम रोहतक की निरंतर प्रतिबद्धता और वैश्विक दृष्टिकोण को सशक्त रूप से रेखांकित करती है।
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