रोहतक भूमि नीलामी घोटाले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: दीपेन्द्र हुड्डा

- ₹300 करोड़ की बेशकीमती जमीन औने-पौने दामों में बेचने के आरोप, भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग और मिलीभगत का हमला

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रोहतक भूमि नीलामी घोटाले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: दीपेन्द्र हुड्डा

रोहतक भूमि नीलामी घोटाले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: दीपेन्द्र हुड्डा

- ₹300 करोड़ की बेशकीमती जमीन औने-पौने दामों में बेचने के आरोप, भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग और मिलीभगत का हमला

टीएचटी न्यूज, रोहतक ।

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने रोहतक में सामने आए कथित भूमि नीलामी घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रोहतक में करीब 300 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनकी उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

दीपेन्द्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसी भी घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय, उससे बड़ा घोटाला करके पहले वाले घोटाले को दबाने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि “बड़े घोटाले के नीचे छोटे घोटाले को दबाना भाजपा की फितरत बन चुकी है।”

उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री सुभाष बतरा द्वारा किए गए खुलासे बेहद चिंताजनक हैं। उनके अनुसार, आवासीय और वाणिज्यिक भूमि की नीलामी के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंकी गई। सच्चाई यह है कि सत्ता में बैठे लोगों ने आपसी मिलीभगत से करोड़ों की जमीन हड़पने का पूरा जाल बुना।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि आईएमटी चौक स्थित 18.5 एकड़ जमीन, जिसका मौजूदा बाजार मूल्य ₹300 करोड़ से अधिक है, उसे नीलामी के नाम पर मात्र ₹25 करोड़ में बेच दिया गया। हैरानी की बात यह है कि खरीदार द्वारा अग्रिम भुगतान के रूप में जमा कराए गए ₹4 करोड़ के बावजूद शेष राशि जमा नहीं की गई, फिर भी न तो नीलामी रद्द की गई और न ही नई प्रक्रिया अपनाई गई। इसके उलट, आरोपियों के पक्ष में ही इस कीमती जमीन की बिक्री कर दी गई। उन्होंने इस पूरे मामले की तुलना करते हुए कहा, “यह वैसा ही है जैसे दूध की रखवाली के लिए बिल्ली को बैठा दिया जाए।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े नेताओं ने एक फर्जी कंपनी के जरिए मात्र ₹21 करोड़ में जमीन खरीद ली, जिससे सरकारी खजाने को कलेक्टर रेट के हिसाब से करोड़ों रुपये की स्टांप ड्यूटी का नुकसान हुआ। यदि बाजार मूल्य के आधार पर आकलन किया जाए तो वास्तविक नुकसान कहीं अधिक है।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि यह मामला केवल जमीन घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और गहरी मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के अपने ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए रोज नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने भ्रष्टाचार के सहारे अकूत धनबल इकट्ठा किया है और उसी धन के दम पर चुनावों को प्रभावित किया जाता है। भाजपा हर चुनाव में लाखों करोड़ रुपये पानी की तरह बहाने से भी नहीं हिचकती, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।

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