स्वदेशी से सशक्त हरियाणा, वैश्विक मंच पर भारत की नई पहचान

BDKSD सेमिनार में गूंजा ‘विकसित हरियाणा–विकसित भारत’, तंजानिया तक पहुंचा देसी उद्योग का विस्तार

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स्वदेशी से सशक्त हरियाणा, वैश्विक मंच पर भारत की नई पहचान

स्वदेशी से सशक्त हरियाणा, वैश्विक मंच पर भारत की नई पहचान

BDKSD सेमिनार में गूंजा ‘विकसित हरियाणा–विकसित भारत’, तंजानिया तक पहुंचा देसी उद्योग का विस्तार

टीएचटी न्यूज, सोनीपत

स्वदेशी उद्योगों के बल पर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में हरियाणा से पूरी दुनिया तक एक सशक्त संदेश गया। बलिदानी दादा कुशल सिंह दहिया (BDKSD) स्किलिंग एंड इकोनॉमिक डेवलपमेंट काउंसिल द्वारा आयोजित “स्वदेशी उद्योग, विकसित भारत” प्रशिक्षण सेमिनार में ‘विकसित हरियाणा–विकसित भारत’ का विजन पूरे आत्मविश्वास के साथ सामने आया। सेमिनार ने यह स्पष्ट कर दिया कि स्वदेशी अब केवल विचार नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक रणनीति और वैश्विक पहचान बन चुका है।

कार्यक्रम में नीति-निर्धारकों, उद्योग विशेषज्ञों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार सलाहकारों और बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी रही। मंच से युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, आधुनिक कौशल अपनाने और देसी उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का आह्वान किया गया।

सेमिनार के मुख्य वक्ता डॉ. राज नेहरू, ओएसडी मुख्यमंत्री, हरियाणा सरकार ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाए। उन्होंने कहा कि 2026 का विकसित हरियाणा रोडमैप कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक मानकों पर आधारित है। युवाओं से सीखो-सिखाओ की भावना अपनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया गया।

मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा ने कहा कि स्वदेशी भारत की सांस्कृतिक चेतना, आत्मसम्मान और आर्थिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की सिंगल विंडो सिस्टम और गो ग्लोबल अप्रोच के माध्यम से उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने में हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर जानकारी देते हुए विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार पवन चौधरी ने बताया कि हरियाणा-तंजानिया व्यापार में पिछले वर्ष 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि तंजानिया में एग्रो-इक्विपमेंट, माइनिंग, प्लाईवुड और आईटी स्किलिंग जैसे क्षेत्रों में हरियाणा के उद्यमियों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं। Green Impex Limited और Jai Dada Dohla Group जैसी कंपनियों का तंजानिया में पंजीकरण, स्वदेशी उद्योगों की वैश्विक उड़ान का प्रमाण है।

सेमिनार में साझा की गई सफलता की कहानियों ने स्वदेशी उद्योगों की ताकत को रेखांकित किया। HAFED द्वारा तंजानिया में स्टोर स्थापित कर 10,000 टन चावल के निर्यात का लक्ष्य हासिल किया गया, जबकि हरियाणा का प्लाईवुड उद्योग तंजानिया से कच्चा माल आयात कर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत हुआ है।

कार्यक्रम के अंत में BDKSD काउंसिल द्वारा युवाओं को कौशल प्रमाण पत्र वितरित किए गए और उन्हें निर्यात, अंतरराष्ट्रीय व्यापार विस्तार व वैश्विक नेटवर्किंग के लिए मार्गदर्शन देने का आश्वासन दिया गया। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में ऐसे और कार्यक्रमों के माध्यम से हरियाणा को स्वदेशी उद्योगों का वैश्विक हब बनाया जाएगा।

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