कॉस्मिक चैस प्रतियोगिता में मॉडल स्कूल की तृषा ने जीता पहला स्थान

सोनीपत में आयोजित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन, ओवरऑल भी हासिल किया पांचवां स्थान

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कॉस्मिक चैस प्रतियोगिता में मॉडल स्कूल की तृषा ने जीता पहला स्थान

कॉस्मिक चैस प्रतियोगिता में मॉडल स्कूल की तृषा ने जीता पहला स्थान

- सोनीपत में आयोजित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन, ओवरऑल भी हासिल किया पांचवां स्थान

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

कॉस्मिक चैस एकेडमी, सोनीपत द्वारा आयोजित खेल प्रतियोगिता में सेक्टर-4 स्थित मॉडल स्कूल की छात्रा तृषा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया है। कक्षा सातवीं ‘ए’ की छात्रा तृषा ने गर्ल्स चैस प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया, वहीं ओवरऑल श्रेणी में भी पांचवां स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

तृषा की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है। उसकी सफलता न केवल अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह दर्शाती है कि यदि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन मिले तो विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

जिला उपायुक्त एवं मॉडल एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष सचिन गुप्ता तथा वाइस प्रेसिडेंट श्री राम अवतार गुप्ता ने छात्रा को शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस तरह की उपलब्धियां विद्यालय और समाज दोनों के लिए गौरव का विषय होती हैं।

सोसायटी के सचिव राजेश कुमार सहगल ने भी तृषा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो पूरे उत्साह, समर्पण और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं। उन्होंने छात्रा को आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहने की प्रेरणा दी।

विद्यालय की प्राचार्या ऋतु मदान ने तृषा को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि यह जीत उसके कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने बताया कि स्कूल हमेशा विद्यार्थियों को खेलों के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है।

वहीं, उपप्राचार्या गीतिका गुलाटी ने इस उपलब्धि के लिए खेल शिक्षिका आशा जांगड़ा के योगदान की सराहना की और उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सहयोग और सही प्रशिक्षण विद्यार्थियों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

तृषा की इस सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि छोटे स्तर से शुरुआत करने वाले विद्यार्थी भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं, बस जरूरत है निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास की।

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