एमडीयू-आईटीसी होटल्स के बीच अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम की ऐतिहासिक शुरुआत
- एमडीयू बना एईडीपी प्रारंभ करने वाला बना देश का प्रथम सरकारी विश्वविद्यालय
एमडीयू-आईटीसी होटल्स के बीच अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम की ऐतिहासिक शुरुआत
- एमडीयू बना एईडीपी प्रारंभ करने वाला बना देश का प्रथम सरकारी विश्वविद्यालय
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए आईटीसी होटल्स (क्लासिक गोल्फ एंड कंट्री क्लब) के साथ अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) शुरू करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एमओयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। एमडीयू की ओर से कुलसचिव डा. कृष्णकांत तथा आईटीसी होटल्स की ओर से वाइस प्रेजिडेंट प्रदीप कुमार ने औपचारिक रूप से इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस उपलब्धि के साथ एमडीयू देश का पहला सरकारी विश्वविद्यालय बन गया है, जो प्रतिष्ठित होटल समूह के सहयोग से इस प्रकार का व्यावसायिक डिग्री कार्यक्रम आरंभ कर रहा है।
एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि एमडीयू की यह पहल शिक्षा-उद्योग साझेदारी में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि एमडीयू का उद्देश्य हमेशा से ही गुणवत्तापूर्ण, समसामयिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना रहा है और यह एमओयू उसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
कुलपति ने कहा कि इस एमओयू के तहत प्रारंभ होने वाले पाठ्यक्रमों के तहत विद्यार्थियों को अध्ययन के दौरान ही होटल इंडस्ट्री की वास्तविक कार्य प्रणाली से जोड़ने का अवसर मिलेगा। यह उन्हें न केवल रोजगारपरक बनाएगा, बल्कि कौशल विकास को भी नई दिशा देगा।
आईटीसी होटल्स के वाइस प्रेजिडेंट प्रदीप कुमार ने कहा कि आईटीसी होटल्स की ओर से विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अनुभव देना हमारे लिए लक्ष्य है। हम इस साझेदारी को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुलसचिव डा. कृष्णकांत ने कहा कि यह एमओयू विद्यार्थियों के समग्र विकास और उनके उज्जवल करियर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि इस साझेदारी से विश्वविद्यालय और उद्योग जगत के बीच सेतु और मजबूत होगा।
डीन, एकेडमिक एफेयर्स प्रो. हरीश कुमार ने कहा कि एमडीयू और आईटीसी होटल्स की यह साझेदारी भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली में एक नए अध्याय की शुरुआत है। यह मॉडल अन्य विश्वविद्यालयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है, जिससे शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को और अधिक मजबूती मिलेगी। एईडीपी इंप्लीमेंटेशन नोडल ऑफिसर प्रो. संतोष तिवारी ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों को एनईपी के सिद्धांतों के अनुरूप तैयार किया है, जो शिक्षा तथा उद्योग के बीच की खाई को कम करने की दिशा में सार्थक प्रयास है।
आईएचटीएम निदेशक प्रो. आशीष दहिया ने कहा कि इस एमओयू के सत्र 2025-2026 से दो नवीनतम बीबीए पाठ्यक्रम- बीबीए- हॉस्पिटैलिटी एंड सर्विस मैनेजमेंट (30 सीटें) तथा बीबीए- टूरिज्म, ट्रेवल एंड इवेंट मैनेजमेंट (30 सीटें) प्रारंभ होंगे। इन कोर्सों की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को आईटीसी क्लासिक गोल्फ एंड कंट्री क्लब में अप्रेंटिसशिप व ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें उद्योग में वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा।
इस अवसर पर निदेशक, सेंटर फॉर कुरीकलम, डिजाइन एंड डेवलपमेंट प्रो. ए.के. राजन, डीन, फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स प्रो. राजपाल, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. बी. नरसिम्हन, आईटीसी होटल्स अधिकारीगण, आईएचटीएम के प्राध्यापक प्रो. संदीप मलिक,डा. संजीव, डा. अनूप, डा. शिल्पी, डा. ज्योति, डा. सुमेर, डा. मनोज, डा. गौरव त्यागी, एकेडमिक ब्रांच के सहायक कुलसचिव तेजपाल, सहायक नरेन्द्र शीलक, कुलपति कार्यालय के अधीक्षक खैराती लाल तथा आईएचटीएम के शोधार्थी उपस्थित रहे।