धुंए से हजारों लोगों का स्वास्थ्य हो रहा खराब, सरकार नहीं गंभीर : राजेश जैन

- औद्योगिक उत्सर्जन से फैल रहा भारी प्रदुषण,लोगों में भारी रोष

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धुंए से हजारों लोगों का स्वास्थ्य हो रहा खराब, सरकार नहीं गंभीर : राजेश जैन

धुंए से हजारों लोगों का स्वास्थ्य हो रहा खराब, सरकार नहीं गंभीर : राजेश जैन

- औद्योगिक उत्सर्जन से फैल रहा भारी प्रदुषण,लोगों में भारी रोष

- प्रसिद्ध उद्योगपति ने लगाए आरोप, चिमनी से निकलने वाले धुंए के सैम्पल हुए फेल

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

हरियाणा सरकार जहां एक तरफ पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है, वहीं दूसरी और खरावड बाईपास पर स्थित खाद्य पदार्थ बनाने वाली प्राइवेट फैक्ट्री संचालक वातावरण को प्रदूषित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। इन फैक्ट्री की चिमनी से निकलने वाले प्रदूषित धुंए से हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को स्वयं इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन उसके बावजूद भी अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेग रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी फैक्ट्री मालिक के साथ मिली भगत कर हजारो लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। यह आरोप प्रसिद्ध समाजसेवी एवं एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए लगाए।

उन्होंने कहा कि खरावड वाईपास स्थित एक प्राइवेट फैक्ट्री की चिमनी से 24 घंटे प्रदूषित धुंआ निकलता रहता है, जिससे कारण हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं इस संबंध में सीएम विंडो पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई, लेकिन आज तक कोई कारवाई नहीं हुई है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रोहतक आगमन के दौरान मौके पर उन्हें इस समस्या बारे अवगत कराया गया, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कोई कारवाई नहीं की गई है। इतना ही नहीं प्रदूषण विभाग द्वारा चिमनी से निकलने वाले धुंए के जो सैम्पल लिए गए थे, वह भी परीक्षण में असफल रहे है। राजेश जैन ने आरोप लगाया कि सैम्पल फेल होने के बावजूद भी लगातार फैक्ट्री की चिमनी से प्रदूषित धुआं निकल रहा है और प्रदूषण विभाग आंख मिचे हुए यह सब देख रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह से सैनी से मांग कि हजारों लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड ना किए जाए और वातावरण को दूषित करने वाले फैक्ट्री संचालक व प्रदूषण बोर्ड के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई की जाए।

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