वीर बाल शहीदों का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए साहस, आत्मबल और नैतिक दृढ़ता की अनुपम मिसाल है  : प्रो. मलिक

- शहीद बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को नमन, विद्यार्थियों में राष्ट्रसेवा का संकल्प

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वीर बाल शहीदों का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए साहस, आत्मबल और नैतिक दृढ़ता की अनुपम मिसाल है  : प्रो. मलिक

वीर बाल शहीदों का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए साहस, आत्मबल और नैतिक दृढ़ता की अनुपम मिसाल है  : प्रो. मलिक

- एमडीयू में श्रद्धा, प्रेरणा और राष्ट्रभाव के साथ मनाया गया वीर बाल दिवस

- शहीद बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को नमन, विद्यार्थियों में राष्ट्रसेवा का संकल्प

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक के छात्र कल्याण कार्यालय द्वारा शुक्रवार को एक्टिविटी सेंटर में वीर बाल दिवस अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और प्रेरणादायी वातावरण में मनाया गया। यह कार्यक्रम सिख इतिहास के अमर बलिदानी शहीद बाबा जोरावर सिंह जी और शहीद बाबा फतेह सिंह जी की पावन स्मृति को समर्पित रहा।

कार्यक्रम के आरंभ में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर वीर बाल शहीदों के अद्वितीय साहस, धर्मनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. सी. मलिक ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

अपने संबोधन में प्रो. मलिक ने कहा कि अत्यंत कम आयु में मुगल काल की अमानवीय यातनाओं को सहते हुए बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने धर्म, सत्य और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि वीर बाल शहीदों का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए साहस, आत्मबल और नैतिक दृढ़ता की अनुपम मिसाल है। प्रो. मलिक ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में अनुशासन, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को आत्मसात करें।

कार्यक्रम की संयोजक एवं डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग ने स्वागत भाषण में कहा कि वीर बाल दिवस केवल एक स्मरण दिवस नहीं है, बल्कि यह युवाओं में देशभक्ति, नैतिकता और आत्मविश्वास को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह का बलिदान यह सिखाता है कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम का समन्वयन डिप्टी डीन, डीएसडब्ल्यू प्रो. सोनू द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीतू, डॉ. शैरी और डॉ. गुरदयाल ने प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया, जबकि डीएसडब्ल्यू कर्मी नरेश अहलावत ने आयोजन में सहयोग दिया।

इस अवसर पर डीन इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज प्रो. राजीव कुमार, डीन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट प्रो. प्रमोद कुमार, चीफ कंसलटेंट सिक्योरिटी ब्रिगेडियर हरबीर सिंह, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीभगवान, सीएमबीटी निदेशक डॉ. हरिमोहन, डॉ. दीपक लठवाल, पीआरओ पंकज नैन, वार्डन डॉ. सुनीता मल्हान, एनएसएस वालंटियर्स सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत स्लोगन राइटिंग और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में रोहित ने प्रथम, आशा ने द्वितीय तथा कल्पना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इसके अलावा, एनएसएस वालंटियर्स द्वारा एक्टिविटी सेंटर से विवेकानंद लाइब्रेरी तक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसके माध्यम से एमडीयू समुदाय को शहीद बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के अमर बलिदान से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम ने उपस्थित सभी लोगों को वीर बाल शहीदों के आदर्शों, साहस और राष्ट्रभक्ति को आत्मसात करने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने के लिए प्रेरित किया।

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