गांवों की गोद में छिपा है विकसित भारत का सपना : प्रो. शीबा हामिद
- एमडीयू के आईएचटीएम में ग्रामीण पर्यटन पर सेमिनार, शोध और नीति आधारित विकास पर जोर
गांवों की गोद में छिपा है विकसित भारत का सपना : प्रो. शीबा हामिद
- एमडीयू के आईएचटीएम में ग्रामीण पर्यटन पर सेमिनार, शोध और नीति आधारित विकास पर जोर
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट (आईएचटीएम) में “भारत में ग्रामीण पर्यटन: अवसर और चुनौतियां” विषय पर एक विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. शीबा हामिद रहीं, जिन्होंने ग्रामीण पर्यटन को विकसित भारत के सपने का मजबूत आधार बताया।
अपने संबोधन में प्रो. शीबा हामिद ने कहा कि भारत के गांवों में प्रकृति, लोक-संस्कृति, पारंपरिक खानपान, हस्तशिल्प, कृषि आधारित जीवनशैली और पारंपरिक ज्ञान का अपार भंडार मौजूद है। यदि इसे शोध, फील्ड वर्क और नीति आधारित अध्ययन के माध्यम से व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया जाए, तो यह वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भारत की अलग पहचान बना सकता है।
उन्होंने शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे ग्रामीण पर्यटन को केवल पर्यटन गतिविधि के रूप में न देखें, बल्कि इसे स्थानीय आजीविका, ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक भागीदारी से जोड़कर गहन अनुसंधान करें। प्रो. हामिद ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन रोजगार सृजन के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक संतुलन को भी मजबूत करता है।
प्रो. शीबा हामिद ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण पर्यटन को सफल और सतत बनाने के लिए गुणवत्ता मानक, कौशल विकास, जिम्मेदार पर्यटन व्यवहार, डिजिटल प्रचार और स्थानीय समुदाय के आर्थिक हितों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने ग्रामीण पर्यटन को विकसित भारत@2047 और वोकल फॉर लोकल अभियान से जोड़ते हुए कहा कि हरियाणा इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आईएचटीएम के निदेशक प्रो. आशीष दहिया ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया और संस्थान की शैक्षणिक प्रगति, शोध गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आईएचटीएम निरंतर प्रयासरत है कि शोधार्थियों को देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों से संवाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो, जिससे अनुसंधान की गुणवत्ता और सामाजिक प्रभाव दोनों सुदृढ़ हों।
प्रो. शीबा हामिद ने एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह एवं आईएचटीएम की पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान के छात्र आज राष्ट्रपति भवन, सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय होटल श्रृंखलाओं, एयरपोर्ट्स और पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं, जो हरियाणा के लिए गर्व की बात है।
इस अवसर पर चौधरी रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज के निदेशक प्रो. संदीप मलिक ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि ग्रामीण पर्यटन जैसे विषय रोजगार सृजन, नवाचार और स्थानीय पहचान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. शिल्पी द्वारा किया गया। सेमिनार में आईएचटीएम के डॉ. संजीव कुमार, डॉ. ज्योति, डॉ. सुमेघ, सहित संकाय सदस्य एवं शोधार्थी सुप्रिया, नेहा, अरुण, यश, अजय, नितेश तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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