एमडीयू में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन IAC-2025 का भव्य शुभारंभ
एनालिटिकल साइंसेज—शेपिंग द फ्यूचर थीम पर देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने रखे शोध विचार
एमडीयू में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन IAC-2025 का भव्य शुभारंभ
एनालिटिकल साइंसेज—शेपिंग द फ्यूचर थीम पर देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने रखे शोध विचार
रोहतक, 20 नवंबर।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में विज्ञान, नवाचार और वैश्विक शोध सहयोग को नए आयाम देने वाले चौथे इंडियन एनालिटिकल कांग्रेस (IAC-2025) का भव्य आगाज़ बुधवार को राधाकृष्णन सभागार में हुआ। एमडीयू के रसायन विज्ञान विभाग और इंडियन सोसाइटी ऑफ एनालिटिकल साइंटिस्ट्स (ISAS)–दिल्ली चैप्टर द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन "Analytical Sciences – Shaping the Future" थीम पर आधारित है। पहले दिन देश-विदेश के अग्रणी वैज्ञानिकों ने उभरती तकनीकों, नवाचारों और शोध के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की।
उद्घाटन समारोह में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (फरीदाबाद) के निदेशक (R&D) डॉ. आलोक शर्मा मुख्य अतिथि रहे। डीएए प्रो. एस.सी. मलिक और रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। सम्मेलन का शुभारंभ डॉ. शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि डॉ. शर्मा ने कहा कि एनालिटिकल साइंसेज में नई तकनीकों और इंटरडिसिप्लिनरी अप्रोच से विज्ञान एवं उद्योग का भविष्य तय होगा। उन्होंने जोर दिया कि ऊर्जा, पर्यावरण और औद्योगिक विकास के लिए उन्नत विश्लेषणात्मक शोध आवश्यक है।
प्रो. एस.सी. मलिक ने एनालिटिकल साइंसेज को आधुनिक विज्ञान की रीढ़ बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र उद्योगों, प्रयोगशालाओं और अकादमिक शोध में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। उन्होंने एमडीयू की वैश्विक शोध भागीदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत ने कहा कि ज्ञान तभी फलता है जब उसे साझा किया जाए, और शोध का अंतिम उद्देश्य समाजहित होना चाहिए।
कार्यक्रम के स्वागत भाषण में विभागाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र सिंह ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। संचालन प्रो. कोमल जाखड़ ने किया और आभार प्रो. हरिओम ने व्यक्त किया।
सम्मेलन के पहले दिन तीन प्रमुख कीनोट व्याख्यान हुए—
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डॉ. साइमन फार्नी (स्विट्जरलैंड) : एक्सेलेरेटर मास स्पेक्ट्रोमेट्री की आधुनिक प्रगति
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प्रो. पी.एल. साहू (NDTL, दिल्ली) : एंटी-डोपिंग विज्ञान में परिवर्तन
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के.के. भगचंदानी : नेतृत्व में स्टोरीटेलिंग की भूमिका
ISAS-दिल्ली चैप्टर के उपाध्यक्ष डॉ. जी.एस. कपूर ने पुरस्कारों की जानकारी दी और चार वैज्ञानिकों को सम्मानित किया।
दोपहर के प्लेनरी सत्र की अध्यक्षता डॉ. एलेक्स पुलिकोट्टिल (IOCL R&D) ने की। सत्र में ट्रांजिशन-मेटल कैटालिसिस, AI-आधारित पॉलिमर विश्लेषण, उभरते विश्लेषणात्मक शोध क्षेत्रों और हरित हाइड्रोजन तकनीकों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। इसके बाद समानांतर तकनीकी सत्रों में NEP-2020 आधारित फॉरेंसिक तकनीक, फंक्शनल फाइब्रस इलेक्ट्रोड्स, सॉफ्ट मटेरियल्स विश्लेषण, बायोकार्बन मापन और हाइब्रिड सोलर सिस्टम जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए।
पहले दिन का समापन आर.के. सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुआ, जिसमें देश-विदेश से आए वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।