पूजा सामग्री प्रवाहित करते नहर में डूबे दो दोस्त, 18 घंटे बाद निकाले शव

- एक युवक ने 12वीं कक्षा में अच्छे अंक की कामना से रखे थे व्रत

 51
पूजा सामग्री प्रवाहित करते नहर में डूबे दो दोस्त, 18 घंटे बाद निकाले शव
पूजा सामग्री प्रवाहित करते नहर में डूबे दो दोस्त, 18 घंटे बाद निकाले शव

- नवरात्र पर्व पर जेएलएन नहर में हुई घटना, पुलिस कर रही जांच

- एक युवक ने 12वीं कक्षा में अच्छे अंक की कामना से रखे थे व्रत

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

12वीं कक्षा में अच्छे अंक की कामना से नवरात्र के व्रत रखने वाला छात्र अपने दोस्त के साथ जवाहर लाल नेहरू नहर में पूजा सामग्री प्रवाहित करते हुए पानी में डूब गया। 18 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एनडीआरएफ की टीम ने सर्च अभियान चलाकर दोनों युवकों के शव को बाहर निकाला। इस घटना से दोनों की परिवारों में मातम छाया हुअा है। पुलिस ने इस संबंध में प्रारंभिक कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के लिए पीजीआइएमएस में भेज दिए हैं।

युवकों की पहचान जींद रोड जगदीश पार्क निवासी 17 वर्षीय दीपांशु और सलारा मोहल्ला निवासी 18 वर्षीय विकास के रूप में हुई है। अभिभावकों ने बताय कि दीपांशु ने इसी वर्ष 12वीं की परीक्षा दी थी। परीक्षा का परिणाम भी आने वाला है। उसने अच्छे नंबरों के लिए उसने नवरात्रि में व्रत रखे थे। विकास की वर्कशाप है अौर उसने भी कारोबार अच्छा चलने के लिए व्रत रखे थे। व्रत रखने के बाद रामनवमी को पूजा अर्चना करने के बाद सामग्री प्रवाहित करने के लिए जेएलएन नहर पर गए थे। यह घटना बीते सोमवार शाम पांच बजे की है। इसी दौरान दीपांशु का मोबाइल नहर में गिर गया। मोबाइल महंगा था, तो वह उसे निकालने के लिए तुरंत नहर में उतर गया। पानी का तेज बहाव होने के कारण वह डूबने लगा। यह देख बाहर खड़े विकास ने शोर मचा दिया। उसे बचाने के लिए वह भी नहर में उतर गया और दोनों डूब गए। शिवाजी कालोनी थाना पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

दीपांशू के पिता ड्राइवर, विकास के पिता करते हैं मजदूरी

दीपांशु के पिता राजबीर नगर निगम में ज्वाइंट कमिश्नर के सरकारी वाहन पर ड्राइवर हैं। जबकि विकास के पिता रोहताश मजदूरी करते हैं। विकास के पिता रोहताश रोते हुए बोले, "मेरा तो घर ही उजड़ गया।" दीपांशु के तीन भाई-बहन और हैं जबकि विकास तीन भाइयों में सबसे छोटा था।

-----------