जस्टिस अमन चौधरी बोले– कानून और व्यापार का संगम ही आधुनिक समाज की नींव”

“आईआईएम रोहतक: आईपीएम व आईपीएल बैच 2025-30 का आगाज़, न्यायमूर्ति अमन चौधरी ने दी ईमानदारी और मेहनत से आगे बढ़ने की सीख”

 25
जस्टिस अमन चौधरी बोले– कानून और व्यापार का संगम ही आधुनिक समाज की नींव”


जस्टिस अमन चौधरी बोले– कानून और व्यापार का संगम ही आधुनिक समाज की नींव”

“आईआईएम रोहतक: आईपीएम व आईपीएल बैच 2025-30 का आगाज़, न्यायमूर्ति अमन चौधरी ने दी ईमानदारी और मेहनत से आगे बढ़ने की सीख”

“अनुशासन है सफलता की कुंजी, प्रतिभा केवल उपहार – आईआईएम रोहतक में इंडक्शन प्रोग्राम का संदेश”

टीएचटी न्यूज, रोहतक

भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक में 23 और 24 अगस्त को इंडक्शन और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें मैनेजमेंट के समेकित कार्यक्रम (IPM) की 7वीं और लॉ के समेकित कार्यक्रम (IPL) की 5वीं बैच का स्वागत किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम में न्यायपालिका, प्रशासन और उद्योग जगत के दिग्गजों ने छात्रों को जीवन, नेतृत्व और सफलता के मंत्र दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमन चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।  डॉ. सत्यपाल सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री, विशेष अतिथि रहे। साथ ही संजीव कौशल, अध्यक्ष राज्य वित्त आयोग हरियाणा, अमरदीप सिंह राय, आईपीएस, विशेष पुलिस महानिदेशक (यातायात एवं सड़क सुरक्षा) पंजाब, और ए.वाई.वी. कृष्ण, आईपीएस, अतिरिक्त निदेशक, सीबीआई दिल्ली मुख्य वक्ता रहे।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अमन चौधरी (पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट) ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक समाज का निर्माण कानून और व्यापार के संगम से होता है। उन्होंने कहा कि “ईमानदारी, परिश्रम और आत्ममंथन ही जीवन की सच्ची पूंजी है। सफलता पाने के लिए अनुशासन और सत्यनिष्ठा से बड़ा कोई साधन नहीं।” उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि आने वाले पाँच वर्षों में वे चुनौतियों का सामना कर आत्म-विकास और आत्म-खोज की दिशा में आगे बढ़ें। आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान देश का पहला आईआईएम है जिसने एकीकृत बीबीए और एलएलबी कार्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन, परिश्रम और आत्ममंथन ही सफलता की कुंजी है।

मुख्य अतिथि जस्टिस अमन चौधरी ने कहा कि आधुनिक समाज का निर्माण कानून और व्यापार के मेल से होता है। उन्होंने छात्रों से ईमानदारी, मेहनत और आत्ममंथन को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

विशेष अतिथि डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा – “प्रतिभा एक उपहार है, लेकिन अनुशासन एक चुनाव है।” उन्होंने छात्रों को मजबूत मित्रता नेटवर्क बनाने और किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने की सलाह दी।

मुख्य वक्ता ए.वाई.वी. कृष्ण ने स्मार्ट पुलिसिंग और आर्थिक विकास के रिश्ते पर प्रकाश डाला। श्री संजीव कौशल ने संगठनों में नैतिक संबंधों को सबसे महत्वपूर्ण बताया। वहीं अमरदीप सिंह राय ने तकनीक और सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।

दो दिवसीय कार्यक्रम में “कानून और व्यवसाय: कॉरपोरेट लीगल प्रैक्टिस का भविष्य”, “लीगल इकोसिस्टम में कैरियर पथ”, “बोर्डरूम 2030” और “कॉरपोरेट सिटिजनशिप” जैसे विषयों पर पैनल चर्चा हुई। इसमें एचयूएल, टाटा स्टील, रिलायंस, अडानी एंटरप्राइजेज, क्रॉम्पटन और ईवाई जैसी कंपनियों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

आईआईएम रोहतक वर्तमान में 1,800 से अधिक छात्रों को शिक्षा दे रहा है और एएमबीए मान्यता प्राप्त कर विश्व के शीर्ष 2% प्रबंधन संस्थानों में शामिल है। हाल ही में इसे QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2024 में 151+ स्थान और एनआईआरएफ 2024 में प्रबंधन श्रेणी में 12वां स्थान मिला है।
--------------