शिक्षा में सुधार और युवाओं को रोजगार देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
बिना पर्ची-खर्ची के 1.80 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, तीसरे कार्यकाल में 2 लाख नौकरियों का लक्ष्य
शिक्षा में सुधार और युवाओं को रोजगार देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
- बिना पर्ची-खर्ची के 1.80 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, तीसरे कार्यकाल में 2 लाख नौकरियों का लक्ष्य — मुख्यमंत्री
- बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को दी डिग्रियां और मेडल
- पिछले 11 वर्षों में प्रदेश में खुले 80 नए कॉलेज, 13 विश्वविद्यालय और 15 नए सरकारी बहुतकनीकी संस्थान
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति से युवाओं को मिलेंगे कौशल, अनुसंधान और नवाचार के अवसर
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे सुधारों पर बल दे रही है, जिनसे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी मिलें और वे समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। प्रदेश सरकार ने बिना पर्ची-खर्ची के अब तक 1.80 लाख युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं और तीसरे कार्यकाल में 2 लाख नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत करते रहे, उनकी मेहनत अवश्य रंग लाएगी।
मुख्यमंत्री बुधवार को रोहतक में बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, अस्थल बोहर के चौथे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महंत बालक नाथ योगी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पदक एवं उपाधियां प्रदान की। नायब सिंह सैनी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी शिक्षण संस्थान के गौरव और उपलब्धि का प्रतीक होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 में स्थापित बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह इस पावन भूमि की ज्ञान-परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कुलाधिपति महंत बालक नाथ योगी के मार्गदर्शन की सराहना की और बताया कि 1957 में महंत श्रेयोनाथ जी महाराज द्वारा स्थापित बाबा मस्तनाथ आयुर्वेदिक महाविद्यालय आज एक विशाल विश्वविद्यालय का रूप ले चुका है, जहां आयुर्वेद से लेकर इंजीनियरिंग, कानून, नर्सिंग और मानविकी जैसे विविध क्षेत्रों में शिक्षा प्रदान की जा रही है। हरियाणा ने शिक्षा, खेल, संस्कृति, शोध और उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर देश में अग्रणी राज्य के रूप में पहचान बनाई है, जिसमें बाबा मस्तनाथ जैसी संस्थाओं का योगदान सराहनीय है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति से युवाओं को मिलेंगे कौशल, अनुसंधान और नवाचार के अवसर :-
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि हमारी भावी पीढ़ी को ऐसी शिक्षा मिले, जो उन्हें रोजगार सक्षम बनाए, चरित्रवान बनाए और उनमें नैतिक गुणों का समावेश करे। इसके लिए उन्होंने देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने अपने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वर्ष 2024 में लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि हर विद्यार्थी को गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण भी मिले। इस दिशा में शिक्षा को कौशल विकास से जोड़ने के लिए स्कूलों में एनएसक्यूएफ, कॉलेजों में ‘पहल योजना’,
पिछले 11 वर्षों में प्रदेश में खुले 80 नए कॉलेज, 13 विश्वविद्यालय और 15 नए सरकारी बहुतकनीकी संस्थान :
नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रदेश में कुल 80 नये राजकीय कॉलेज खोले गए, जिनमें से 30 लड़कियों के हैं। इस समय प्रदेश में महाविद्यालयों की संख्या बढक़र 185 हो गई है। इसी तरह, 11 वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश में 13 नये विश्वविद्यालय खुले हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी 6 से बढक़र 17 हो गई है। अब इनमें एम.बी.बी.एस. की सीटों की संख्या 700 से बढक़र 2,435 हो गई है। इसके अलावा, 15 नये सरकारी बहुतकनीकी संस्थान भी खोले गए हैं। वर्ष 2014 में इनकी संख्या 28 थी, जो अब 43 हो गई है और इनमें प्रवेश क्षमता 11,985 से बढक़र 16,434 हो गई है। इसके अलावा, हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से भी युवाओं को न केवल रोजगार दिया है बल्कि उन्हें रोजगार की सुरक्षा भी दी है।
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बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों के 5795 डिग्री योग्य विद्यार्थी थे। विश्वविद्यालय के 27 विषयों में 1183 पीएचडी, 29 पाठ्यक्रमों में 1780 स्नातकोत्तर एवं 25 पाठ्यक्रमों में 2832 स्नातक उपाधि के योग्य विद्यार्थी थे।
दीक्षांत समारोह में 1562 विद्यार्थियों ने डिग्री ग्रहण की तथा 183 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल वितरित किए गए। डिग्री ग्रहण करने वालों में 501 पीएचडी, 595 स्नातक एवं 466 स्नातकोत्तर विद्यार्थी शामिल है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया। इससे पूर्व नायब सिंह सैनी ने विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने डिग्री ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों के साथ मुख्य मंच से स्वयं सेल्फी भी ली। बालक नाथ योगी ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा अन्य अतिथिगण को पगड़ी, शॉल, पटका व पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा स्मृति चिन्ह देकर मान-सम्मान किया।
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विद्यार्थी भारत के विश्व कल्याण के संकल्प को पूर्ण करने में दे महत्वपूर्ण योगदान- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने डिग्री प्राप्त विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे भारत के विश्व कल्याण के संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दें तथा देश व प्रदेश की समृद्ध विरासत एवं संस्कृति को आगे बढ़ायें। उन्होंने कहा कि भारत में प्राचीन काल से संतों-महात्माओं ने विश्व कल्याण के बारे में महत्वपूर्ण संदेश दिए है। भारत वर्ष का विश्व कल्याण का विचार प्राचीन काल से महान रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा, प्राणियों का कल्याण तथा देश को विश्व का सबसे मजबूत व महान राष्ट्र बनाने में हर नागरिक अपने कर्तव्य का पालन करें। विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर हर क्षेत्र में भारत का गौरव बढ़ायें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक देश को दुनिया का विकसित व सबसे ताकतवर देश बनाने के सपने को भी साकार करने में सभी योगदान दें।
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विद्यार्थी ग्रहण किए ज्ञान का समाज सेवा में करें उपयोग :- महंत बालक नाथ योगी
बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति तथा बाबा मस्तनाथ मठ के मठाधीश महंत बालक नाथ योगी ने डिग्री ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय से ग्रहण किए गए ज्ञान एवं शिक्षा का न केवल स्वयं के लिए उपयोग करें बल्कि इसका उपयोग समाज सेवा में करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी कड़ी मेहनत व संघर्ष से आगे बढ़े तथा राष्ट्र को विकसित बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी राष्टï्र कल्याण की भावना से कार्य करते हुए देश व प्रदेश की प्रगति में निरंतर कार्य करें। संपूर्ण समाज के विकास से ही सभी का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार संपूर्ण गांवों का विकास होने से सभी ग्रामीणों का विकास होता है उसी प्रकार से राष्टï्र का विकास होने से सभी नागरिकों का विकास संभव है। विद्यार्थी वर्तमान परिस्थितियों को और बेहतर बनाने के लिए कार्य करें ताकि भावी पीढिय़ों का भविष्य सुनहरा हो। समाज में बिना भेदभाव सभी को योजनाओं का लाभ देने में योगदान निभाएं। विद्यार्थी अपनी प्रतिभा एवं ज्ञान का उपयोग संपन्न एवं विकसित राष्ट्र बनाने में करें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है, जिसे पूरा करने में सभी योगदान दें। उन्होंने कहा कि यह संस्थान सभी विद्यार्थियों को समर्पित है तथा इस संस्थान से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी जीवन में इस विश्वविद्यालय के मान-सम्मान को हमेशा कायम रखें।
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ये रहे मौजूद :-
इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं बाबा मस्तनाथ मठ के मठाधीश महंत बालक नाथ योगी, पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, मदवि के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, सुपवा के कुलपति अमित आर्य, बीएमयू के कुलपति प्रो. बीएम यादव, कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार, महंत सचिनानद महाराज, स्वामी विश्वेश्वर महाराज, मेयर राम अवतार वाल्मीकि, भाजपा के प्रदेश के उपाध्यक्ष सतीश नांदल, भाजपा जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका, पूर्व मेयर मनमोहन गोयल, पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, पूर्व मीडिया कोर्डिनेटर राजकुमार कपूर, संस्थान के उपाध्यक्ष नवीन गुप्ता, प्रो. एचएल वर्मा, पूर्व वीसी जेपी यादव इत्यादि मौजूद रहे।
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ओपी