हरियाणा BJP में पूर्व मंत्री के बयान पर घमासान:सुधा बोलीं- कार्रवाई की जाए, कहा था- कैंडिडेट नहीं बदले तो एक सीट नहीं जीतोगे

हरियाणा भारतीय जनता पार्टी (BJP) में पूर्व मंत्री राव नरबीर सिंह के बयान के बाद घमासान मच गया है। अब उनके खिलाफ भाजपा चुनाव समिति की बैठक में अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। कुछ दिन पहले नरबीर ने कहा था कि अगर पिछली बार वाले कैंडिडेट नहीं बदले तो दक्षिण हरियाणा में BJP की अभय सिंह को छोड़कर कोई सीट नहीं आएगी। इस पर भाजपा केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड की सदस्य सुधा यादव भड़क गईं। उन्होंने 2 दिनों से गुरुग्राम में हो रही भाजपा चुनाव समिति की बैठक में इस बात को रखा। कहा कि नरबीर सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इस बैठक में प्रभारी सतीश पूनिया, चुनाव सह प्रभारी बिप्लब देब, मुख्यमंत्री नायब सैनी सहित तमाम सीनियर नेता भी मौजूद रहे। पढ़िए, राव नरबीर के बयान की 4 बड़ी बातें मेरी टाइम पर टिकट काट दी राव नरवीर सिंह करीब एक सप्ताह पहले रेवाड़ी में अपनी कोठी पर कार्यकर्ताओं की मीटिंग को संबोधित करने पहुंचे थे। यहां राव नरबीर ने कहा अगर मेरे घर जाकर मुझे टिकट देंगे तो ले लूंगा, मैं मना नहीं करूंगा। लेकिन, एक बात बताओ कि मैं मोहर सिंह का पोता और महाबीर सिंह का बेटा नरवीर सिंह और मेरी ही टाइम पर टिकट काट दी। ऐसे-ऐसे लोगों को टिकट दे दी क्या बताऊं? तभी तो 75 पार का नारा था और 40 पर रह गए। टिकट देते तो डेढ़ लाख वोटों से जीतते उन्होंने कहा कि मेरी बादशाहपुर सीट से अगर मुझे टिकट मिलता तो डेढ़ लाख वोटों से जीतते। BJP ने टिकट दी और देख लो हार गई। अगर BJP का वोट होता तो वह बादशाहपुर सीट से भी जीत जाती, लेकिन ऐसे कैसे जीत जाती। अभय सिंह छोड़कर बाकी सब साफ हो जाएंगे राव नरबीर ने कहा कि आज मैं कह रहा हूं, ये जो MLA का चुनाव लड़े उन्हें दोबारा टिकट देकर देख लो, अगर जीत जाएं तो मैं मानूंगा कि BJP की वोट है। पार्टी को बहुत कुछ बदलाव करना पड़ेगा। पार्टी को सोचना पड़ेगा। अब तो 3-3 सर्वे करवा रहे हैं। कौन जीत सकता है कौन हारेगा। मैं तो कह कर जा रहा हूं कि तकरीबन मेरी बात ऊपर तक हुई है। मैंने एक ही बात कही है, नांगल चौधरी से होडल तक मेरी नजर में इनमें डॉ. अभय सिंह तो मुकाबला करेगा, बाकी साफ हो जाएंगे। बादशाहपुर से चुनाव लड़ूंगा नरबीर ने कहा कि कैंडिडेट बदलने पड़ेंगे। BJP के पक्ष में लोग हैं। अगर यही कैंडिडेट रहे तो ये सुबह 11 बजे ही हार जाएंगे। इसलिए, मैं कह रहा हूं कि पार्टी बहुत सोच समझकर टिकट देगी। एक बार और मैं कहकर जा रहा हूं कि चुनाव बादशाहपुर से लड़ रहा हूं। तुम यह मत पूछो कि मैं कहां जाऊंगा। 2019 में टिकट कटी, इस बार ठोक रहे ताल बता दें कि 2014 में राव नरबीर सिंह ने BJP की टिकट पर बादशाहपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर की कैबिनेट में पूरे 5 साल लोक निर्माण मंत्री रहे, लेकिन 2019 के चुनाव में पार्टी ने राव नरबीर सिंह की टिकट काट दी। उसके बाद राव नरबीर पूरी तरह शांत बैठ गए। इस बार चुनाव से पहले ही नरबीर सिंह ने अपने तल्ख तेवर दिखाते हुए बादशाहपुर सीट से चुनाव में ताल ठोक दी। वह चुनाव की घोषणा से पहले ही अपनी ही पार्टी को भी कटघरे में खड़ा करते रहे। गुरुग्राम में खुलेआम भ्रष्टाचार व्याप्त होने के आरोप लगाए। इसके बाद उनकी ही पार्टी के नेताओं ने उन्हें घेरा भी। दरअसल, राव नरबीर सिंह की पिछले चुनाव में टिकट कटने का कारण केंद्रीय राव इंद्रजीत सिंह को ठहराया गया। राव नरबीर और राव इंद्रजीत दोनों दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में धुर विरोधी हैं। नरबीर सिंह रेवाड़ी की जाटूसाना और गुरुग्राम की सोहना सीट से भी विधायक रह चुके हैं। नरबीर सिंह के दादा मोहर सिंह और पिता महाबीर सिंह भी विधायक रह चुके हैं।

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हरियाणा BJP में पूर्व मंत्री के बयान पर घमासान:सुधा बोलीं- कार्रवाई की जाए, कहा था- कैंडिडेट नहीं बदले तो एक सीट नहीं जीतोगे
हरियाणा भारतीय जनता पार्टी (BJP) में पूर्व मंत्री राव नरबीर सिंह के बयान के बाद घमासान मच गया है। अब उनके खिलाफ भाजपा चुनाव समिति की बैठक में अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। कुछ दिन पहले नरबीर ने कहा था कि अगर पिछली बार वाले कैंडिडेट नहीं बदले तो दक्षिण हरियाणा में BJP की अभय सिंह को छोड़कर कोई सीट नहीं आएगी। इस पर भाजपा केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड की सदस्य सुधा यादव भड़क गईं। उन्होंने 2 दिनों से गुरुग्राम में हो रही भाजपा चुनाव समिति की बैठक में इस बात को रखा। कहा कि नरबीर सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इस बैठक में प्रभारी सतीश पूनिया, चुनाव सह प्रभारी बिप्लब देब, मुख्यमंत्री नायब सैनी सहित तमाम सीनियर नेता भी मौजूद रहे। पढ़िए, राव नरबीर के बयान की 4 बड़ी बातें मेरी टाइम पर टिकट काट दी राव नरवीर सिंह करीब एक सप्ताह पहले रेवाड़ी में अपनी कोठी पर कार्यकर्ताओं की मीटिंग को संबोधित करने पहुंचे थे। यहां राव नरबीर ने कहा अगर मेरे घर जाकर मुझे टिकट देंगे तो ले लूंगा, मैं मना नहीं करूंगा। लेकिन, एक बात बताओ कि मैं मोहर सिंह का पोता और महाबीर सिंह का बेटा नरवीर सिंह और मेरी ही टाइम पर टिकट काट दी। ऐसे-ऐसे लोगों को टिकट दे दी क्या बताऊं? तभी तो 75 पार का नारा था और 40 पर रह गए। टिकट देते तो डेढ़ लाख वोटों से जीतते उन्होंने कहा कि मेरी बादशाहपुर सीट से अगर मुझे टिकट मिलता तो डेढ़ लाख वोटों से जीतते। BJP ने टिकट दी और देख लो हार गई। अगर BJP का वोट होता तो वह बादशाहपुर सीट से भी जीत जाती, लेकिन ऐसे कैसे जीत जाती। अभय सिंह छोड़कर बाकी सब साफ हो जाएंगे राव नरबीर ने कहा कि आज मैं कह रहा हूं, ये जो MLA का चुनाव लड़े उन्हें दोबारा टिकट देकर देख लो, अगर जीत जाएं तो मैं मानूंगा कि BJP की वोट है। पार्टी को बहुत कुछ बदलाव करना पड़ेगा। पार्टी को सोचना पड़ेगा। अब तो 3-3 सर्वे करवा रहे हैं। कौन जीत सकता है कौन हारेगा। मैं तो कह कर जा रहा हूं कि तकरीबन मेरी बात ऊपर तक हुई है। मैंने एक ही बात कही है, नांगल चौधरी से होडल तक मेरी नजर में इनमें डॉ. अभय सिंह तो मुकाबला करेगा, बाकी साफ हो जाएंगे। बादशाहपुर से चुनाव लड़ूंगा नरबीर ने कहा कि कैंडिडेट बदलने पड़ेंगे। BJP के पक्ष में लोग हैं। अगर यही कैंडिडेट रहे तो ये सुबह 11 बजे ही हार जाएंगे। इसलिए, मैं कह रहा हूं कि पार्टी बहुत सोच समझकर टिकट देगी। एक बार और मैं कहकर जा रहा हूं कि चुनाव बादशाहपुर से लड़ रहा हूं। तुम यह मत पूछो कि मैं कहां जाऊंगा। 2019 में टिकट कटी, इस बार ठोक रहे ताल बता दें कि 2014 में राव नरबीर सिंह ने BJP की टिकट पर बादशाहपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर की कैबिनेट में पूरे 5 साल लोक निर्माण मंत्री रहे, लेकिन 2019 के चुनाव में पार्टी ने राव नरबीर सिंह की टिकट काट दी। उसके बाद राव नरबीर पूरी तरह शांत बैठ गए। इस बार चुनाव से पहले ही नरबीर सिंह ने अपने तल्ख तेवर दिखाते हुए बादशाहपुर सीट से चुनाव में ताल ठोक दी। वह चुनाव की घोषणा से पहले ही अपनी ही पार्टी को भी कटघरे में खड़ा करते रहे। गुरुग्राम में खुलेआम भ्रष्टाचार व्याप्त होने के आरोप लगाए। इसके बाद उनकी ही पार्टी के नेताओं ने उन्हें घेरा भी। दरअसल, राव नरबीर सिंह की पिछले चुनाव में टिकट कटने का कारण केंद्रीय राव इंद्रजीत सिंह को ठहराया गया। राव नरबीर और राव इंद्रजीत दोनों दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में धुर विरोधी हैं। नरबीर सिंह रेवाड़ी की जाटूसाना और गुरुग्राम की सोहना सीट से भी विधायक रह चुके हैं। नरबीर सिंह के दादा मोहर सिंह और पिता महाबीर सिंह भी विधायक रह चुके हैं।