वैश्विक अर्थव्यवस्था में श्वेत कॉलर अपराध: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती : आर.आर. स्वैन

- आईआईएम रोहतक का 17वां स्थापना दिवस: पुलिस नेतृत्व और प्रबंधन मूल्यों पर हुआ मंथन

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वैश्विक अर्थव्यवस्था में श्वेत कॉलर अपराध: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती : आर.आर. स्वैन

वैश्विक अर्थव्यवस्था में श्वेत कॉलर अपराध: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती : आर.आर. स्वैन

- आईआईएम रोहतक का 17वां स्थापना दिवस: पुलिस नेतृत्व और प्रबंधन मूल्यों पर हुआ मंथन

- शीर्ष अधिकारियों ने अनिश्चितता में नेतृत्व, नैतिकता और ‘विक्सित भारत 2047’ पर दिए मार्गदर्शन

टीएचटी न्यूज, रोहतक

भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक ने अपना 17वां स्थापना दिवस ज्ञानवर्धक सत्र, पैनल चर्चाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मनाया। कार्यक्रम में 1500 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित पुलिस अधिकारियों, कानूनी विशेषज्ञों और रचनात्मक क्षेत्र के नेताओं ने अनिश्चित समय में नेतृत्व, नैतिक मूल्यों और देश के विकास लक्ष्यों पर अपने विचार साझा किए।

मुख्य अतिथियों ने मजबूत नेतृत्व और मूल्यों पर दिया जोर

मुख्य अतिथि और सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (IPS) ने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवा सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्होंने छात्रों से ईमानदारी, सम्मान और मानवीय मूल्यों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि “आईआईएम रोहतक देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में एक मजबूत पहचान बना चुका है और इसके विद्यार्थी ‘विक्सित भारत 2047’ के विज़न को साकार करने में अहम योगदान देंगे।”

एनआईए के महानिदेशक सदानंद दाते (IPS) ने “अनिश्चित समय में प्रभावी प्रबंधन” विषय पर अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वैश्विक अपराध, तकनीक और भू-राजनीतिक बदलावों के कारण पुलिसिंग के मूल्य—पूर्वानुमान, धैर्य और नैतिक निर्णय—कॉरपोरेट जगत में भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

उन्होंने अनुकूलन क्षमता और नैतिक साहस को संकट प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी बताया।

पैनल चर्चाएँ—श्वेत कॉलर अपराध से लेकर कॉरपोरेट गवर्नेंस तक

पहले पैनल में “वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था में श्वेत कॉलर अपराध” पर चर्चा हुई। पूर्व डीजीपी, जम्मू-कश्मीर आर.आर. स्वैन ने बताया कि श्वेत कॉलर अपराध अब कॉरपोरेट धोखाधड़ी तक सीमित नहीं, बल्कि आतंक वित्तपोषण और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता का प्रमुख कारण बन चुके हैं।

सीनियर एडवोकेट प्रमोद कुमार दुबे और दविंदर पाल सिंह भी इस पैनल में शामिल हुए।

दूसरे पैनल में “वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था में कॉरपोरेट गवर्नेंस” पर विशेषज्ञों ने कहा कि शासन व्यवस्था केवल अनुपालन नहीं, बल्कि हितधारक-आधारित रणनीतिक ढांचा है। बजाज लाइफ इंश्योरेंस, केपीएमजी इंडिया और बाटा इंडिया के प्रतिनिधियों ने कॉरपोरेट प्रतिष्ठा बचाने में मजबूत गवर्नेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला।

निदेशक ने संस्थान की उपलब्धियों का किया उल्लेख

आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने पिछले 17 वर्षों की संस्थागत उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि:

संस्थान NIRF 2025 में देश के शीर्ष 20 प्रबंधन संस्थानों में शामिल है।

QS World University Rankings 2025 में 151+ ग्लोबल रैंक हासिल की।

2019 में देश का पहला पाँच वर्षीय इंटीग्रेटेड BBA-MBA कार्यक्रम शुरू किया।

2021 में पाँच वर्षीय कानून कार्यक्रम (IPL) की शुरुआत हुई।

संस्थान के शोधकर्ताओं ने 8 A* और 119 A श्रेणी के शोधपत्र प्रकाशित किए।

उन्होंने कहा कि यह सब केवल शुरुआत है—“वास्तविक विकास उत्कृष्ट शिक्षा और विवेकपूर्ण नेतृत्व में निहित है।”

मानसिक स्वास्थ्य और रचनात्मक सोच पर विशेष सत्र

अपोलो हॉस्पिटल्स के डॉ. मनोज गुम्बर ने मानसिक स्वास्थ्य, जागरूकता और सपोर्ट सिस्टम के महत्व पर चर्चा की। गीतकार और गिनीज रिकॉर्ड धारक समीर ने छात्रों को व्यापक पढ़ने, निरंतर अभ्यास और कल्पनाशील सोच अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि थोड़ी असुरक्षा और थोड़ा भय भी उत्कृष्टता की प्रेरणा बनते हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और मिशन का पुनः संकल्प

दिन का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जिनमें भारतीय परंपराओं और आईआईएम रोहतक की जीवंतता को दर्शाया गया। 17वां स्थापना दिवस संस्थान के उस मिशन को आगे बढ़ाता है, जिसके केंद्र में सुशासन, नवाचार और राष्ट्र निर्माण हेतु नेतृत्व का विकास है।

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