पीजीआईएमएस यूएचएस रोहतक का नया मोबाइल ऐप लॉन्च, एक क्लिक पर मिलेंगी अस्पताल से जुड़ी सुविधाएं

- कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने किया ऐप का शुभारंभ, अस्पताल को पेपरलेस और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम

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पीजीआईएमएस यूएचएस रोहतक का नया मोबाइल ऐप लॉन्च, एक क्लिक पर मिलेंगी अस्पताल से जुड़ी सुविधाएं

पीजीआईएमएस यूएचएस रोहतक का नया मोबाइल ऐप लॉन्च, एक क्लिक पर मिलेंगी अस्पताल से जुड़ी सुविधाएं

- कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने किया ऐप का शुभारंभ, अस्पताल को पेपरलेस और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम

टीएचटी न्यूज, रोहतक |

डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के लिए सरल और सुलभ बनाने की दिशा में पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (UHS), रोहतक ने एक अहम पहल की है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने “PGIMS UHS Rohtak” नाम से तैयार किए गए मोबाइल ऐप को औपचारिक रूप से लॉन्च किया।

कुलपति डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आज हर व्यक्ति चाहता है कि उसे सभी जरूरी सुविधाएं एक ही फोन पर उपलब्ध हों। यह ऐप उसी सोच का परिणाम है। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सरकारी संसाधनों और राजस्व की भी बचत होगी। खास बात यह है कि यह ऐप इंटरनेट न होने की स्थिति में भी खोला जा सकता है और इससे आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

कुलपति डॉ. अग्रवाल ने इस ऐप को शुरू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पीजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल की सराहना करते हुए कहा कि यह अस्पताल को पेपरलेस सिस्टम की ओर ले जाने में एक बड़ा कदम साबित होगा। इससे मरीजों और उनके परिजनों को घर बैठे अस्पताल से जुड़ी कई जानकारियां मिल सकेंगी।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने बताया कि भविष्य में इस ऐप के माध्यम से ओपीडी शेड्यूल अपलोड करने और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा भी शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिकल रिपोर्ट्स को भी इसी ऐप पर उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे डॉक्टर और मरीज दोनों रिपोर्ट्स को ऑनलाइन देख सकेंगे।

डॉ. मित्तल ने बताया कि ऐप में पूरे अस्पताल की विस्तृत डायरेक्टरी शामिल की गई है, जिससे किसी भी वार्ड या विभाग से सीधे संपर्क कर मरीजों की जानकारी ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस ऐप को विकसित करने में फ्रीलांसर इंजीनियर सचिन कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिन्होंने बिना किसी शुल्क के यह ऐप तैयार किया।

इस अवसर पर डॉ. महेश माहला ने कहा कि कुलपति डॉ. अग्रवाल का निरंतर प्रयास है कि संस्थान डिजिटल प्रक्रिया की ओर आगे बढ़े और मरीजों को आधुनिक व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कार्यक्रम में डीडीए वरुण शर्मा, चरण सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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