बिहार मूल के मतदाताओं को साधने के लिए हरियाणा की ‘ पालिटिकल सर्जिकल’ रणनीति

- बिहार चुनाव में हरियाणा में बसे बिहारियों को मतदान के लिए किया जा रहा प्रेरित

 22
बिहार मूल के मतदाताओं को साधने के लिए हरियाणा की ‘ पालिटिकल सर्जिकल’ रणनीति

बिहार मूल के मतदाताओं को साधने के लिए हरियाणा की ‘ पालिटिकल सर्जिकल’ रणनीति

- बिहार चुनाव में हरियाणा में बसे बिहारियों को मतदान के लिए किया जा रहा प्रेरित

ओपी वशिष्ठ, रोहतक :

हरियाणा सरकार ने बिहार में होने वाले चुनाव में कमल खिलाने की रणनीति को देखते हुए प्रदेश् में बिहार मूल के लोगों को साधने की रणनीति बनाई है। चूंकि हरियाणा में बिहार मूल के लोगों की संख्या अच्छी-खासी है, इसलिए उनका मतदान चुनाव में अहम साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा भाजपा ने राज्य में बसे बिहारियों तक पहुंचने के लिए एक बहु-स्तरीय अभियान छेड़ दिया है। पार्टी का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत न केवल इन प्रवासियों को सम्मान और भरोसा देना है, बल्कि चुनाव के समय उन्हें वोट डालने हेतु बिहार भेजने की व्यवस्था भी करना है।

डाटा से लेकर यात्रा-सहायता तक

पार्टी ने पूर्व एचसीएस अधिकारी तथा पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के ओएसडी रहे अमरजीत सिंह और प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई है। जो उनके बेिहार मूल के लोगों के मोबाइल नंबर, हरियाणा व बिहार का पता, सरकारी नौकरी करने वाले रिश्तेदार सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र कर रही है। औद्योगिक नगर गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, रोहतक और सोनीपत प्राथमिक फोकस हैं; हालांकि छोटे कस्बों तक भी पहुंच बनाई जा रही है। पार्टी कार्यकर्ता छठ पूजा समितियों एवं बिहार दिवस आयोजकों से समन्वय कर मतदाताओं की सूची तैयार कर रहे हैं। उद्देश्‍य केवल वोट तक सीमित नहीं; निर्वाचन-पूर्व इनकी घर-वापसी यात्रा सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के तहत सांस्कृतिक जुड़ाव

23 मार्च 2025 को हरियाणा सरकार ने पानीपत, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, सोनीपत, फरीदाबाद व गुरुग्राम में भव्य बिहार दिवस मनाया। सांस्कृतिक कार्यक्रम, जॉब फेयर और भाजपा नेताओं के संवाद ने यह संदेश दिया कि हरियाणा प्रवासी बिहारियों को राज्य विकास का अभिन्न अंग मानता है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, “पहले बिहार से आए लोगों को कमतर समझा जाता था; अब उन्हें वह सम्मान मिल रहा है जिसके वे हकदार हैं।”

क्यों अहम है यह वोट बैंक?

2011 जनगणना के मुताबिक हरियाणा में 3.9 लाख बिहारी निवासी थे; औद्योगिक विस्तार व बिहार की जनसंख्या वृद्धि दर (1.42 %) को देखते हुए यह आंकड़ा अब 5–7 लाख के बीच माना जा रहा है। यही मतदाता बिहार की कई सीटों का परिणाम प्रभावित कर सकते हैं। एनडीए—जिसमें जद(यू), लोजपा (राम विलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा व राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं—ने 243 में से 225 सीट जीतने का लक्ष्य रखा है। 2024 लोकसभा चुनाव में एनडीए ने बिहार की 174 विधानसभा क्षेत्रों पर बढ़त ली थी, जिसे अब विधानसभा में दोहराने की कोशिश है।

गुरुग्राम मॉडल

लगभग 2 लाख बिहारी आबादी वाले गुरुग्राम में अभियान सर्वाधिक तीव्र है। जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी की अध्यक्षता में लगातार बैठकों में मतदाता-पहचान, फैक्टरी मालिकों की मदद से मजदूर-डेटा संकलन और बूथ-प्रबंधन की रणनीति तय की जा रही है। भाजपा के गुरुग्राम संयोजक मनीष यादव कहते हैं, “संघठनात्मक मंडलों की अगुवाई में वोटर, समर्थक और कार्यकर्ता तीनों स्तर पर नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है।”

----------------