दिव्यांगों को मुख्यधारा में लाने के लिए समावेशी शिक्षा प्रणाली की जरूरत : डा. शरणजीत कौर

- एमडीयू में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

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दिव्यांगों को मुख्यधारा में लाने के लिए समावेशी शिक्षा प्रणाली की जरूरत : डा. शरणजीत कौर

दिव्यांगों को मुख्यधारा में लाने के लिए समावेशी शिक्षा प्रणाली की जरूरत : डा. शरणजीत कौर

- एमडीयू में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

आज ऐसी समावेशी शिक्षा प्रणाली विकसित करने की जरूरत है, जिसमें प्रत्येक बच्चे विशेषकर विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों (दिव्यांगों) को समान अवसर, संसाधन और सहयोग प्राप्त हो। जो सुनिश्चित करे कि कोई भी बच्चा केवल अपनी विशेष क्षमताओं के कारण मुख्यधारा से अलग न रहे। यह उद्गार भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्षा डा. शरणजीत कौर ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए।

एमडीयू के सेंटर फार डिसेबिलिटी, सक्षम एनजीओ तथा चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज के तत्वावधान में स्वराज सदन में- सक्षम व्यक्तियों को सशक्त बनाने में समावेशी शिक्षा की भूमिका: वर्तमान परिदृश्य विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए मुख्यातिथि डा. शरणजीत कौर ने वर्तमान समय में सक्षम व्यक्तियों के सशक्तिकरण में समावेशी शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय पर इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे : प्रो. राजबीर सिंह

एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि समावेशी शिक्षा न केवल विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को सशक्त बनाती है, बल्कि एक सहिष्णु, समान और समावेशी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जरूरत इस बात की है कि इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और अधिक ठोस, व्यावहारिक तथा व्यापक बनाया जाए ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और अपनी पूरी क्षमता के साथ समाज के विकास में योगदान कर सके।

सच्चे समावेश् को मजबूत नीतियों की जरूरत : प्रो. दयाल पवार

संगोष्ठी में प्रो. दयाल पवार ने सच्चे समावेश को प्राप्त करने के लिए मजबूत नीतियों, नवीन शिक्षण पद्धतियों और सामाजिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। सक्षम (एनजीओ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने में नागरिक समाज संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। ललित आनंद एक ने शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को सशक्त बनाने पर अपने बहुमूल्य दृष्टिकोण साझा किए।

इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रारंभ में सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज की निदेशक प्रो. प्रतिमा ने स्वागत भाषण दिया और संगोष्ठी की विषयवस्तु पर प्रकाश डाला। चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. संदीप मलिक ने आभार जताया। आयोजन सहयोग उप निदेशक डा. राजेश कुमार ने दिया। इस अवसर पर एमडीयू के प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी, प्रतिभागीगण तथा शहर के गणमान्य जन उपस्थित रहे।

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