एमडीयू रोहतक का स्वर्णिम इतिहास, राज्यपाल करेंगे 50वें स्थापना दिवस का शुभारंभ
एमडीयू रोहतक का स्वर्णिम इतिहास, आज राज्यपाल करेंगे 50वें स्थापना दिवस का शुभारंभ
- शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा होंगे विशेष अतिथि
- स्वर्ण जयंती पर जारी होगा लोगो, स्मारिका व न्यूज़लेटर
- विद्यार्थियों, शिक्षकों व कर्मियों का होगा सम्मान
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय 19 अप्रैल को अपने 50वें स्थापना दिवस एवं स्वर्ण जयंती वर्ष का भव्य शुभारंभ करेगा। हरियाणा के राज्यपाल एवं कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय मुख्य अतिथि होंगे। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा तथा प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा, अध्यक्ष, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद, पंचकूला विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शिरकत करेंगे। समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजबीर सिंह करेंगे। इसके पश्चात फैकल्टी कैफेटेरिया एवं टैगोर ऑडिटोरियम में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा। दीप प्रज्वलन, कुलगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुति और कुलपति के स्वागत भाषण के साथ ही विश्वविद्यालय की गौरवमयी यात्रा को साझा किया जाएगा।
जनसंपर्क विभाग के निदेशक प्रो. अाशीष दहिया ने बताया कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की स्थापना 1975 में हरियाणा अधिनियम संख्या 25 के अंतर्गत हुई थी। इसकी शुरुआत 1966 में पंजाब विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर क्षेत्रीय केंद्र के रूप में हुई थी। पिछले पचास वर्षों में यह विश्वविद्यालय एक आवासीय शिक्षण संस्थान से बढ़कर एक प्रमुख शिक्षण-सह-संबद्धता विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुआ है, जिसकी शैक्षणिक सीमा हरियाणा के आठ जिलों तक विस्तृत है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में 42 शिक्षण विभाग, 10 संकाय एवं 212 कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। विश्वविद्यालय को NAAC से A+ ग्रेड (CGPA 3.44) प्राप्त है, तथा NIRF 2024 में इसे राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में 35वां स्थान प्राप्त हुआ है। एम.डी.यू. ने हरित परिसर, शोध, नवाचार, खेल, व सामाजिक भागीदारी के क्षेत्रों में राष्ट्रीय पहचान स्थापित की है। समारोह में स्वर्ण जयंती लोगो, कैलेंडर, स्मारिका, ‘एम.डी.यू. मिरर’ न्यूज़लेटर एवं एलुमनी पोर्टल का लोकार्पण किया जाएगा। वैदिक अध्ययन केंद्र एवं यौगिक अध्ययन केंद्र (स्थापना 2020) द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद, तर्कशास्त्र, दयानंद दर्शन व यौगिक दर्शन पर आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए
उत्कृष्ट योगदान के लिए किए जाएंगे सम्मान:
शिक्षक – अनुसंधान पुरस्कार
शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी – विशिष्ट सेवाओं हेतु
विद्यार्थी – शैक्षणिक टॉपर्स व विशिष्ट उपलब्धियों हेतु
NSS एवं YRC स्वयंसेवक – समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान हेतु
प्रो. राजबीर सिंह के गतिशील नेतृत्व में बीते वर्षों में विश्वविद्यालय ने NEP 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल अधोसंरचना, नवाचार, उद्यमिता, एवं समावेशी शिक्षा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। 'डाफेटेरिया', जीवन कौशल केंद्र, एवं राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने वाले सामाजिक स्टार्टअप्स विश्वविद्यालय की पहचान बने हैं।
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