सुपवा के छात्रों की रचनात्मक उड़ान, राष्ट्रीय मंच पर दोहरी सफलता

- गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य सम्मेलन में रील व शॉर्ट फिल्म दोनों में प्रथम स्थान

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सुपवा के छात्रों की रचनात्मक उड़ान, राष्ट्रीय मंच पर दोहरी सफलता

सुपवा के छात्रों की रचनात्मक उड़ान, राष्ट्रीय मंच पर दोहरी सफलता

- गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य सम्मेलन में रील व शॉर्ट फिल्म दोनों में प्रथम स्थान

ओपी वशिष्ठ, रोहतक :

रचनात्मक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए डीएलसीसुपवा, रोहतक के छात्रों ने गुरुग्राम यूनिवर्सिटी की अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आयोजित प्रतियोगिता में दोनों श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य जैसे अहम विषय को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का आयोजन गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग ने इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलाइड साइंसेज (इबहास), नई दिल्ली तथा गुरुग्राम पुलिस के सहयोग से किया। कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन रील एवं शॉर्ट फिल्म स्क्रीनिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं।

एफटीवी डायरेक्शन बैच 2022 के छात्र हरदीप सिंह खुंडिया द्वारा तैयार की गई रील को प्रथम स्थान मिला। रील में दर्शाया गया कि परिवार की जिम्मेदारियों के बीच एक गृहिणी भी मानसिक अस्वस्थता का शिकार हो सकती है। इसमें हेल्पलाइन के माध्यम से काउंसलिंग लेने, भावनाओं को साझा करने और गोपनीयता बनाए रखने के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

वहीं विजुअल आर्ट्स विभाग के फर्स्ट ईयर फाउंडेशन के छात्र मयंक सिंह द्वारा निर्मित शॉर्ट फिल्म ने भी पहला स्थान प्राप्त किया। फिल्म में ओवरथिंकिंग के दुष्परिणामों और सामाजिक संवाद की कमी से बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य को संवेदनशीलता से दिखाया गया। इस फिल्म के निर्माण में आयुष, शिवम और सौरभ ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग की चेयरपर्सन एवं कॉन्फ्रेंस की कन्वीनर प्रो. (डॉ.) गायत्री रैना ने विजेताओं की घोषणा की। कुलगुरु प्रो. (डॉ.) संजय कौशिक ने विजेताओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

इसके बाद विजेता छात्र और उनके मार्गदर्शक फैकल्टी सदस्य डीएलसीसुपवा के रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा से मिले। डॉ. मनोचा ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि वे भविष्य में विश्वविद्यालय और समाज का नाम रोशन करेंगे।

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