जेल मंत्री चाहते है जयहिन्द जेल जाए या जान से जाए, बताओ मैं क्या करुं : जयहिन्द

सरकार बताए क्या हरियाणा छोड़ दूं, समाज बताए क्या लोगों की आवाज उठाना छोड़ दूं

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जेल मंत्री चाहते है जयहिन्द जेल जाए या जान से जाए, बताओ मैं क्या करुं : जयहिन्द

जेल मंत्री चाहते है जयहिन्द जेल जाए या जान से जाए, बताओ मैं क्या करुं : जयहिन्द

- सरकार बताए क्या हरियाणा छोड़ दूं, समाज बताए क्या लोगों की आवाज उठाना छोड़ दूं

- रोहतक डीसी, एसपी, डीजीपी और मुख्यमंत्री के दरबार में जाकर जांच की मांग करूंगा

- मेरे पास सिक्योरिटी के लिए हर महीने पांच लाख रुपए देने के लिए नहीं है – जयहिन्द

टीएचटी न्यूज, रोहतक :

सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने अारोप लगाया है कि उनके कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डा. अरविंद शर्मा के लोगों ने झगड़ा किया था। इसकी पूरी साजिश गोहाना में स्थित मंत्री के घर(ऑफिस) में रची गई थी। उन्होंने इस बात को साबित करने के लिए मीडिया के सामने उन लोगों के मंत्री के साथ के फोटो भी सबूत के तौर पर दिखाए।

जयहिन्द का कहना है कि कोई हमारे ऊपर हमला करने आएगा अगर हम उसे पीटेंगे तो हम गुंडे साबित होंगे। और अगर हम उन्हें नजरंदाज करेंगे तो हम कायर सभीत होंगे। लेकिन मंत्री जी यह बात समझ ले कि हम न ही गुंडे है और न ही कायर है। इसलिए हम रोहतक के डीसी साहब, एसपी साहब, डीजीपी साहब व मुख्यमंत्री से अपील करते है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए साथ ही मंत्री व उनके स्टाफ की पूरी डिटेल्स निकाली जाए जिससे सब दूध का दूध ओर पानी का पानी हो जाएगा। इसके लिए मैं खुद मुख्यमंत्री जी के दरबार में जाकर जांच की मांग करूंगा।

यह कोई छोटी बात नहीं है। कल को मानो यह भी हो सकता है कि मंत्री खुद अपने लोगों पर हमला करवा दे तो धाराएं हम पर लगेगी। एक मंत्री होकर एक मामूली आदमी से डरने की क्या जरूरत है। लेकिन मंत्री हो या मुख्यमंत्री हम नहीं डरते।

जयहिन्द ने फोटो दिखाकर यह साबित कर दिया कि जिन लोगों ने 8 जून को हमारी मीटिंग में झगड़ा किया मंत्री जी के ही आदमी थे। झगड़ा करने वाले लोग पत्रकारों को यह बता रहे थे कि मंत्री को नहीं जानते मंत्री से उनका कोई लेना देना नहीं है। लेकिन जयहिन्द ने उन सब लोगों के मंत्री के साथ के फोटो मीडिया के सामने रखे। साथ ही जयहिन्द ने मुख्यमंत्री जी को चेताते हुए कहा कि उनके जेल मंत्री चाहते है कि जयहिन्द जेल जाए या जान से जाए।

जयहिन्द ने बताया कि हमें पता चला है कि जो झगड़ा 8 जून को हुआ उसमें वे लोग हथियार लेकर हमला करने की मंशा से पहुंचे थे, उससे पहले भी उन लोगों को 25 मई पहरावर में आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव में कार्यक्रम को खराब करवाने के लिए भेजा गया था। ओर उससे पहले भी एक कार्यक्रम में इन्हें झगड़ा करवाने भेजा गया था।

जयहिन्द का कहना है कि अगर सरकार को यह लगता है कि जयहिन्द समाज में रहने के लायक नहीं तो सरकार मुझे हरियाणा छोड़ने को कह दे। और अगर समाज को लगता है कि जयहिन्द जो जनता की आवाज उठाता है वह गलत है तो समाज बताए कि मैं लोगों की आवाज उठाना छोड़ दूं।

जयहिन्द ने बताया कि हमने अपने जीवन में प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति जी के घर तक आंदोलन किए है, गृह मंत्री अमित शाह जी के सामने भी आंदोलन किए जिसके दो केस आज भी मुझ पर चल रहे है, दस साल हुड्डा साहब जी की सरकार में भी बहुत आंदोलन करे और खट्टर साहब जी के खिलाफ हमने जितने आंदोलन किए शायद ही किसी ने किए होंगे। इस सब आंदोलनों में हमने केस भुगते पुलिस के लठ खाए लेकिन इस तरह की चीजें कभी नहीं हुई।

–––बॉक्स–––

मेरा कर्जा मै खुद उतारूंगा, लोगो से पैसे लेकर नहीं – जयहिन्द

एक पत्रकार साथी के सवाल का जवाब देते हुए जयहिन्द ने कहा कि मैं अपना कर्जा खुद उतारूंगा इसलिए मैं अपनी गाड़ी बेच रहा हूं। मैं लोगों से इसके लिए पैसे नहीं लूंगा। हां अगर बात समाज के काम की होती या आंदोलन की होती तो हम लोगों से पैसे मांगते। लेकिन यह कर्जा मेरे ऊपर मेरी वजह से है तो इसलिए यह कर्ज भी मै अकेले ही उतारूंगा।

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