एमडीयू के झज्जर-फरीदाबाद जोनल युवा महोत्सव में युवा ऊर्जा और संस्कृति का संगम
— कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत बोले, “इतनी शिद्दत से निभाओ किरदार कि पर्दा गिर भी जाए तो तालियां बजती रहें”
एमडीयू के झज्जर-फरीदाबाद जोनल युवा महोत्सव में युवा ऊर्जा और संस्कृति का संगम
— कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत बोले, “इतनी शिद्दत से निभाओ किरदार कि पर्दा गिर भी जाए तो तालियां बजती रहें”
टीएचटी न्यूज, रोहतक :
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक के झज्जर-फरीदाबाद जोनल युवा महोत्सव में युवाओं का उत्साह, ऊर्जा और भारतीय संस्कृति के रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह आयोजन सरस्वती महिला महाविद्यालय, पलवल में हुआ, जहां मंच पर युवा कलाकारों ने गीत, संगीत, नृत्य, नाटक, वाद-विवाद जैसी विविध विधाओं में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ ऑनर, एमडीयू के कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने युवाओं को जीवन में समर्पण, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत प्रेरणादायी शब्दों से की— “इतनी शिद्दत से निभाओ किरदार अपना कि पर्दा गिर भी जाए तो तालियां बजती रहें।” उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर असीम ऊर्जा और क्षमता छिपी है, जिसे सही दिशा देकर वे समाज और देश में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
डॉ. कृष्णकांत ने कहा कि सफलता केवल पद या धन से नहीं मापी जाती, बल्कि चरित्र, अनुशासन और कर्मनिष्ठा से तय होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि मंच केवल प्रदर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का जरिया भी है। ऐसे उत्सव विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, टीम भावना और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने इस महोत्सव को “कला, सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों का अनूठा संगम” बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं और सृजनात्मकता को नई उड़ान देते हैं। उन्होंने युवाओं को सपने देखने, उन पर निरंतर काम करने और कभी हार न मानने की प्रेरणा दी। कुलसचिव ने कहा— “जब युवा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हैं, तो कोई शक्ति उन्हें रोक नहीं सकती। वे स्वयं अपनी सफलता की मिसाल बन जाते हैं।”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने युवाओं को नवाचार और कौशल विकास को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं का है जो अपनी रचनात्मकता को कौशल के साथ जोड़ते हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में आईटीटीसी, फरीदाबाद की प्रोफेसर डॉ. ऋतु दीक्षित मौजूद रहीं।
शाम के सत्र में पलवल के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए, जबकि सीजेएम हरीश गोयल गेस्ट ऑफ ऑनर रहे। दोनों ने विद्यार्थियों को नैतिकता, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
महोत्सव का सफल आयोजन डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग और निदेशक, युवा कल्याण डॉ. प्रताप राठी के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। इस मौके पर सरस्वती महिला महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वंदना त्यागी, एएजी हरियाणा के अध्यक्ष अतुल मंगला, आयोजन सचिव डॉ. सविता, आयोजन समिति के सदस्य, शिक्षकगण, प्रतिभागी टीमें और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
जोनल यूथ फेस्टिवल ने न केवल युवाओं की प्रतिभा और सृजनात्मकता को मंच दिया, बल्कि हरियाणा की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा को भी नई पहचान दिलाई। इस आयोजन ने यह साबित किया कि जब युवा अपने भीतर की कला और संस्कृति से जुड़ते हैं, तो वे न केवल स्वयं को, बल्कि समाज को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।